लम्पी स्किन बीमारी से पीड़ित पशुओं वाले जिलों में पहले लगाई जाएगी वैक्सीन

punjabkesari.in Tuesday, Aug 16, 2022 - 08:51 PM (IST)

चंडीगढ़, 16 अगस्त- (अर्चना सेठी )केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  पुरूषोत्तम रूपाला ने कहा कि जिन जिलों में लम्पी स्किन बीमारी से पीड़ित पशु हैं, उन जिलों में सबसे पहले वैक्सीनेशन करवाया जाए , ताकि दूसरे जिलों में इस बीमारी का फैलाव रोका जा सके। इस बीमारी से पीड़ित पशुओं को आइसोलेट करके जमीनी स्तर पर प्रयास करने की जरुरत है। तभी अन्य पशुओं को भी इस बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है। केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  पुरूषोत्तम रूपाला ने यह बात मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों की बैठक के दौरान कही। इस मौके पर हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  जे.पी. दलाल भी मौजूद रहे। पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि अभी हरियाणा के 8 जिले इस गंभीर बीमारी से बचे हुए हैं, जहां अभी तक कोई भी केस दर्ज नहीं किया गया है।  इसके अलावा जिन जिलों में इस बीमारी का प्रभाव है, उन जिलों के पशुओं को केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार लम्पी स्किन वैक्सीनेशन किया जाए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार इस बीमारी से निपटने के प्रति बेहद गंभीर है। खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री जेपी दलाल बीमारी से प्रभावित जिलों की समीक्षा का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इस बीमारी को लेकर केंद्र सरकार के साथ तालमेल बैठाते हुए सतर्कता पूर्वक कार्य कर रही है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वैक्सीनेशन के लगने से इस बीमारी पर जल्द काबू पा लिया जाएगा और बीमारी अन्य जिलों में भी नहीं बढ़ेगी। पुरूषोत्तम रूपाला ने कहा कि राज्य सरकार को इस बीमारी की रोकथान के लिए कुछ और जरुरी कदम उठाने चाहिए। इसमें सबसे पहले एक जिले से दूसरे जिले में पशुओं की आवाजाही को रोकना चाहिए। विशेषकर जिन जिलों में फिलहाल इस बीमारी का ज्यादा प्रकोप है, वहां इस तरह की एहतियात बरतनी चाहिए। इस बीमारी के संबंध में ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों को जागरूक करना चाहिए। इसके अतिरिक्त दुग्ध उपभोक्ताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि पशु का दूध उबालकर पीएं।

हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  जे.पी.दलाल ने केंद्रीय मंत्री को आश्वासन दिया कि हरियाणा सरकार लम्पी स्किन बीमारी को लेकर बेहद संजीदा तरीके से कार्य कर रही है। प्रभावित जिलों के पशुपालकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इस बीमारी से जुड़ी वैक्सीन को जल्द ही सभी जिलों में पहुंचा दिया जाएगा। श्री दलाल ने कहा कि वैक्सीनेशन कार्यक्रम अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा।  केंद्र सरकार के वैज्ञानिकों व हरियाणा सरकार के वैज्ञानिकों की मदद से लगातार इसकी रोकथाम को लेकर योजना तैयार की जा रही है। श्री दलाल ने अधिकारियों को हर दिन प्रत्येक जिले के प्रत्येक गांव में लम्पी स्किन बीमारी से प्रभावित पशुओं का डाटा लगातार अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। दलाल ने कहा कि पशुपालन विभाग व लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, हिसार मिलकर पशुओं की नस्ल सुधार पर शोध कार्य कर रहे हैं। हरियाणा सरकार का पशुपालन विभाग समय-समय पर पशुओं को अलग-अलग बीमारी के लिए टीकाकरण अभियान चलाता रहता है। इन टीकाकरण अभियानों में उन्हें केंद्र सरकार का भी सहयोग मिलता है। उन्होंने केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री पुरूषोत्तम रूपाला का लम्पी स्किन बीमारी को लेकर सहयोग करने पर आभार जताया।  


21650 हैक्टेयर पर मछलीपालन का रखा गया है लक्ष्य
हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  जे.पी.दलाल ने कहा कि हरियाणा ने वर्ष 1966-67 में 58 हैक्टेयर पर मछलीपालन शुरू किया था। जो वर्ष 2021-22 में 19100 हैक्टेयर पहुंच गया है। इस वर्ष हरियाणा ने 2 लाख 9 हजार 33 मीट्रिक टन मछली उत्पादन किया है। हरियाणा सरकार ने इस बार उत्पादन के लक्ष्य को बढ़ाते हुए 2022-23 में 21650 हैक्टैयर रखा है। वहीं इसके अतिरिक्त उत्पादन के लक्ष्य में भी बढ़ोतरी की गई है। इसे 2 लाख 10 हजार 500 मीट्रिक टन रखा है। सरकार इस निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगातार मछलीपालकों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्हें निरंतर नई-नई तकनीक से अवगत करवाया जा रहा है।  दलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछलीपालकों को लाभ दिया जा रहा है। केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  पुरूषोत्तम रूपाला ने भी मछलीपालन में हरियाणा के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में ओर ज्यादा तरक्की करने की शुभकामनाएं दी।


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News Editor

Archna Sethi

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