सड़क खराब होने से नहीं मिला वाहन, बीमार नवजात को 10KM पैदल ले गए माता-पिता, रास्ते में तोड़ा दम

punjabkesari.in Saturday, Oct 03, 2026 - 09:35 PM (IST)

नेशनल डेस्क : मेघालय के पश्चिमी खासी हिल्स जिले के एक दूरदराज गांव में सड़क खराब होने की वजह से वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण एक महिला को अपने बीमार नवजात बच्चे के इलाज के लिए करीब तीन घंटे तक पैदल यात्रा करनी पड़ी, लेकिन इस दौरान बच्चे की मौत हो गई। गांववालों ने शनिवार को यह दावा किया। घटना शुक्रवार को रामबराई-जिरंगम विधानसभा क्षेत्र के रामबराई सी एंड आरडी ब्लॉक के डोमक्यरकोह गांव में हुई।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों ने गांव में आने से मना कर दिया था, जिसके बाद परिवार को पैदल ही जाना पड़ा। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें परिवार बच्चे को ले जाता हुआ दिख रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, माता-पिता ने बीमार बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने की कोशिश की, हालांकि सड़क की खराब हालत के कारण वाहन चालकों ने गांव आने से मना कर दिया और परिवार से कहा कि वे बच्चे को लगभग 10 किलोमीटर दूर मावडेट गांव तक लेकर आएं, जहां से वे उन्हें वाहन में ले जा सकते हैं। कोई दूसरा विकल्प नहीं होने पर माता-पिता ने अगली सुबह पैदल यात्रा शुरू की।

ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन घंटे की यह पैदल यात्रा बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुई और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में सड़क संपर्क को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर इसलिए क्योंकि मैनोप, मावियोंग, रामबराई और डोमक्यरकोह को जोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना की घोषणा की गई थी। उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन ताइनसॉन्ग ने 10 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना की आधारशिला रखी थी।

इसका उद्देश्य इलाके में सड़क संपर्क में सुधार करना और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, बाजारों तथा अन्य जरूरी सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना था। ग्रामीणों ने कहा कि घोषणा के बावजूद सड़क की हालत अब भी खराब है। गांव के मुखिया बी. सिएम ने घटना की पुष्टि की और अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि भविष्य में ऐसी घटना के कारण किसी की जान न जाए। एक अधिकारी ने बताया कि उपायुक्त ने इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।


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News Editor

Parveen Kumar

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