2+2 वार्ता की टाइमिंग अहम, भारत-अमेरिका के बीच बढ़ रहे द्विपक्षीय संबंध : रिपोर्ट

2020-11-01T13:48:47.843

नेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले भारत-अमेरिका के बीच हुई ‘टू प्लस टू' वार्ता इस विश्वास को दर्शाती है कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को मजबूत किया है, और यह तीन के लिए कड़ा संदेश है। एक रिपोर्ट के मुताबिक‘टू प्लस टू' वार्ता की अगर टाइमिंग देखें तो जहां एक तरफ पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच तनाव बना हुआ है वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इन दिनों चीन के खिलाफ है। ऐसे में भारत-अमेरिका का नजदीक आना चीन के लिए एक मैसेज ही है। यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) ने एक टिप्पणी में कहा कि तीसरी भारत-यूएस टू प्लस टू वार्ता की टाइमिंग बहुत कुछ बताती है कि इस समय दोनों देशों के बीच के संबंधों में और अधिक घनिष्ठता आ रही है। EFSAS की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दशकों में भारत-अमेरिका के बीच संबंधों में लगातार सुधार हुआ है।

 

अमेरिका में 3 नवंबर को चुनाव है लेकिन उससे पहले टू प्लस टू वार्ता यह दिखाती है कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत हैं। इस चुनाव में जो भी अमेरिकी राष्ट्रपित चुना जाएगा उसके भारत के साथ रिश्ते मजबूत और बेहतर ही रहेंगे। हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के एक प्रभावशाली सांसद ने हाल में संपन्न हुई ‘टू प्लस टू' वार्ता के दौरान भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने से चीन जैसे शत्रुओं को स्पष्ट संदेश जाएगा। सीनेटर केविन क्रेमर ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने से दोनों देश अधिक सुरक्षित बनेंगे और इससे चीन एवं रूस जैसे शत्रुओं को स्पष्ट संदेश मिलेगा। बता दें कि ‘टू प्लस टू' वार्ता से चीन की बैचेनी बढ़ी भी है।

 

इस वार्ता के बाद चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि अमेरिका अन्य देशों को गुमराह कर रहा है। दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच बीते मंगलवार को संपन्न हुई ‘टू प्लस टू' वार्ता में दोनों देशों ने अपने समग्र सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया और कुल पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें ‘बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट‘ (बीईसीए) प्रमुख है। इस करार के तहत अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, उपग्रह के गोपनीय डेटा और दोनों देशों की सेनाओं के बीच अहम सूचना साझा करने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा परमाणु ऊर्जा, पृथ्वी विज्ञान और आयुर्वेद के क्षेत्रों में सहयोग के लिए भी समझौते हुए। इस बार ‘टू प्लस टू' वार्ता के तीसरे संस्करण में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा अमेरिका की तरफ से वहां के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने हिस्सा लिया था। 


Seema Sharma

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