कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसानों ने नासिक से मुंबई कूच किया, रैली में शामिल होंगे शरद पवार

2021-01-24T19:44:16.297

महाराष्ट्रः केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में होने वाली रैली में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में किसान निकल चुके हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसान रैली के मद्देनजर पुलिस ने दक्षिण मुंबई स्थित आजाद मैदान और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा की विशेष तैयारी की है और राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की तैनाती की गई है, इसके साथ ही ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।

ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) की महाराष्ट्र शाखा ने एक बयान जारी कर दावा किया कि नासिक से करीब 15 हजार किसान शनिवार को टैम्पो और अन्य वाहनों से मुंबई के लिए रवाना होने को तैयार हैं। बयान के मुताबिक सोमवार को होने वाली रैली को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार और महा विकास अघाडी (एमवीए) के कुछ प्रमुख नेता संबोधित करेंगे। राज्य सरकार में सहयोगी कांग्रेस की राज्य इकाई पहले ही इस रैली का समर्थन कर चुकी है।

एआईकेएस ने कहा कि विभिन्न इलाकों से किसान नासिक में जमा होंगे और शनिवार को मुंबई के लिए रवाना होंगे एवं रास्ते में भी किसान जुड़ेंगे। बयान के मुताबिक मुंबई के लिए कूच करने वाले किसान इगतपुरी के पास घाटनदेवी में रात्रि विश्राम करेंगे। बयान में कहा गया, ‘‘यह रैली दिल्ली में कृषि कानूनों को वापस लेने,न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी और पूरे देश में फसलों की खरीद की मांग को लेकर दो महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि किसान समर्थक संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 जनवरी से 26 जनवरी तक राज्यों में राजभवन के समक्ष सहित पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इसी के तहत महाराष्ट्र के करीब 100 संगठनों ने 12 जनवरी को मुंबई में हुई बैठक में संयुक्त शेतकारी कामगार मोर्चा का गठन किया। बयान के मुताबिक 25 जनवरी को पूर्वाह्न 11 बजे आजाद मैदान में रैली शुरू होगी और शरद पवार के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट, पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे भी रैली को संबोधित करेंगे।

इसके बाद प्रदर्शनकारी राजभवन की ओर मार्च करेंगे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को ज्ञापन सौपेंगे। बयान के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने 26 जनवरी के मौके पर आजाद मैदान में ही तिरंगा फहराने और किसानों और कामगारों के संघर्ष को सफल बनाने की शपथ लेने का फैसला किया है।

 


Content Writer

Yaspal

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