अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक 33,795 श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण, 30 जून से शुरू हो रही पावन यात्रा

punjabkesari.in Sunday, Apr 17, 2022 - 07:37 PM (IST)

नेशनल डेस्क: अमरनाथ तीर्थयात्रा के लिए अब तक 33,000 से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। श्रद्धालु इस तीर्थयात्रा के लिए निर्धारित बैंक शाखाओं से परमिट पाने की कवायद में जुटे हैं। यह 43 दिवसीय यात्रा कोरोना वायरस महामारी के कारण दो साल बाद 30 जून से शुरू होनी है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नितीश्वर कुमार ने बताया, ‘‘यात्रा के लिए शनिवार तक 33,795 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।''

गर्भवती महिलाएं पंजीकरण की पात्र नहीं
तीर्थयात्रा के लिए व्यवस्था की निजी रूप से निगरानी कर रहे कुमार ने कहा कि 22,229 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन माध्यम से तथा 11,566 ने ऑफलाइन माध्यम (बैंकों) से पंजीकरण कराया है। सरकार इस साल तीर्थयात्रियों के कुशलक्षेम के लिए रास्ते में उनकी गतिविधि पर नजर रखने के वास्ते ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन' (आरएफआईडी) प्रणाली भी शुरू कर रही है। वार्षिक तीर्थयात्रा का प्रबंधन करने वाले एसएएसबी ने तीर्थयात्रियों के पंजीकरण के लिए देशभर में बैंक 566 शाखाओं को निर्धारित किया है। इसके साथ ही इसकी वेबसाइट पर भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। एसएएसबी के अनुसार, 13 साल से कम या 75 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति और छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाएं पंजीकरण की पात्र नहीं हैं।

‘पहले आओ पहले पाओ'
अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों को एक आवेदन, एसएएसबी द्वारा चयनित अस्पतालों से अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, चार तस्वीरें और 120 रुपये का शुल्क देना होगा। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने पिछले साल यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था लेकिन यात्रा नहीं कर पाए थे, उन्हें केवल 20 रुपये का शुल्क देना होगा। अधिकारियों ने कहा कि पंजीकरण और यात्रा परमिट ‘पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर दिया जाएगा। गौरतलब है कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने के मद्देनजर अमरनाथ यात्रा बीच में ही रोक दी गई थी जबकि कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले दो वर्ष के दौरान केवल सांकेतिक यात्रा हुई है।


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Content Editor

rajesh kumar

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