ऑफ द रिकॉर्डः ...तो भाजपा ने इसलिए प्रोजैक्ट नहीं किया दिल्ली में CM का चेहरा

1/8/2020 8:47:42 AM

नेशनल डेस्कः भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए किसी को भी मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर प्रस्तुत नहीं करने का फैसला किया है जिसके कई कारण हैं। अब यह खुलासा किया जा सकता है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ‘आप’ नेता अरविन्द केजरीवाल की टक्कर में पार्टी का कोई चेहरा सामने लाना चाहते थे। इस संबंध में उन्होंने सबसे पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन से बात की और उन्हें पूछा कि क्या वह दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार का नेतृत्व करना चाहेंगे।
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हर्षवर्धन ने जीत और हार की संभावनाओं के बारे में चर्चा करने की बजाय स्पष्ट तौर पर शाह से अपनी बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप मुझे यह पूछ रहे हैं कि क्या मैं नेतृत्व करने का इच्छुक हूं तो साफ कहूं, मैं स्थानीय राजनीति में वापस जाने के लिए बिल्कुल इच्छुक नहीं हूं। मुझे सरकार में जो कार्य सौंपा गया है मैं  उसी  में  खुश  हूं  लेकिन  यदि फिर भी पार्टी मुझे ऐसा करने के लिए कहती है तो मैं उसके आदेश का पालन करूंगा।’’ 
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इसके बाद पार्टी हाईकमान ने सी.एम. चेहरे के तौर पर राज्यसभा सदस्य विजय गोयल के नाम पर भी विचार किया लेकिन उनके नाम पर पार्टी के लोग अधिक उत्साहित नहीं थे, हालांकि पी.एम. मोदी उन्हें चाहते हैं और अमित शाह भी यह मानते हैं कि वह काम करने वाले नेता हैं। उन्हें दिल्ली में पार्टी का नेतृत्व सौंपा गया था लेकिन वह सबको साथ लेकर नहीं चल सके थे। 
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दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी से उनकी प्रतिद्वंद्विता भी चिन्ता का विषय रही, हालांकि तिवारी को सरकार में शामिल करके दिल्ली भाजपा का नेतृत्व गोयल को सौंपा जा सकता था लेकिन गोयल इस दौड़ से बाहर हो गए। पार्टी तिवारी के कामकाज के तरीके में मौजूद कमजोरियों से भी वाकिफ है। एक बार लोकसभा सदस्य प्रवेश वर्मा पर भी विचार हुआ था लेकिन बाद में अमित शाह ने सुरक्षित रास्ता चुनने का फैसला लिया। पार्टी नेतृत्व विजय गोयल के ऑड-ईवन रोड राशनिंग स्कीम का विरोध करने के स्टाइल के भी पक्ष में था। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गोयल और पूर्वी दिल्ली से सांसद गौतम गम्भीर भी इस पद के लिए दावेदार थे लेकिन इनमें से कोई भी पार्टी को एकजुटता के साथ आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं पाया गया। ऐसे में आखिरकार पार्टी ने बिना सी.एम. चेहरे के ही चुनावी रण में उतरने का फैसला लिया।


Pardeep

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