भगोड़े क्रिमिनल्स की वापसी में बड़ा सुधार, 2019 से अब तक 36 देशों से 274 आरोपी भारत लाए गए

punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 04:27 PM (IST)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े सुधार किए हैं। सरकार का दावा है कि 2019 से जुलाई 2026 तक करीब 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। पहले यह प्रक्रिया धीमी और जटिल मानी जाती थी। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2004 से 2013 तक मात्र चार ही अपराधियों को भारत लाने में सफलता मिल सकी थी।

किन मामलों में हुई वापसी?

सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत अब तक कम से कम 36 देशों और न्यायक्षेत्रों से आतंकवाद, आर्थिक अपराध, हत्या, मादक पदार्थ तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियों, दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे मामलों में वांछित आरोपियों को वापस लाने में सफल रहा है। इसमें अमेरिका से तहव्वुर हुसैन राणा का प्रत्यर्पण भी प्रमुख है। 2004 से 2013 के बीच भारत में औसतन केवल चार भगोड़े अपराधियों का ही हर वर्ष प्रत्यर्पण हो सका, जबकि 110 से अधिक प्रत्यर्पण अनुरोध लंबित रहे। उस समय प्रत्यर्पण संधियों की सीमित संख्या, कानूनी जटिलताओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी प्रमुख चुनौतियां थीं।

भारतपोल पोर्टल से मिली तेजी

जनवरी 2025 में भारतपोल (BHARATPOL) पोर्टल लॉन्च किया गया। इसके माध्यम से सीबीआई, राज्य पुलिस और इंटरपोल के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया तेज हुई। कई मामलों में जानकारी साझा करने का समय घटकर 3 से 20 दिन तक रह गया। भगोड़ों को वापस लाने के लिए वैश्विक समन्वय, आधुनिक तकनीक और मजबूत कूटनीति पर आधारित व्यवस्था विकसित की गई। 2024 में लागू नए आपराधिक कानूनों में पहली बार ‘ट्रायल इन एब्सेंटिया’ (अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने) का प्रावधान जोड़ा गया।

रेड कॉर्नर नोटिस में बढ़ोतरी

इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस में लगातार बढ़ोतरी हुई। 2026 में अब तक 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। 2019 में ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम’ लागू किया गया। 2019-26 के दौरान ₹17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई और ₹18,762 करोड़ की राशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई गई।


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News Editor

Rahul Rana

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