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कंगाल पाकिस्तान ने बनाई भारत के खिलाफ जंग की नई रणनीति

2020-05-16T15:25:29.477

जम्मू/पुंछ (बलराम/धनुज): आर्थिक तौर से बेहद कमजोर हो चुके पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ छद्म युद्ध लडऩे के लिए अपनी रणनीति में भारी बदलाव किया है। पिछले काफी समय से पाक अधिकृत कश्मीर स्थित शिविरों में शस्त्र प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादियों की भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाने में नाकाम रहे पाकिस्तान ने अपने पूर्व सैनिकों को 10-10 कनाल जमीन देकर नियंत्रण रेखा पर बसाना तेज कर दिया है, ताकि लांचिंग पैड पर बैठे आतंकवादियों को रिहायशी क्षेत्रों में शरण देकर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के खतरे से बचाया जा सके। एयर स्ट्राइक के खतरे के मद्देनजर नियंत्रण रेखा पर एंटी एयरक्राफ्ट गनें तैनात की गई हैं। भारतीय सेना को गुमराह करने के लिए रिहायशी इलाकों में मोर्टार लांचर (गन) तैनात किए गए हैं और लोगों की धार्मिक भावनाएं भडक़ानें के लिए शाम को इफ्तार के समय गोलाबारी की जाती है।

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 सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान द्वारा पिछले कई महीनों से सैकड़ों आतंकवादियों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर भारतीय सुरक्षा बलों को गुमराह करने के लिए पाकिस्तानी सेना करीब 1500 बार गोलाबारी करके वर्ष 2003 में हुई संघर्ष विराम संधि का उल्लंघन कर चुकी है। फिर भी उसे ज्यादा कामयाबी हाथ नहीं लगी है। इसी बौखलाहट में पहले से घुसपैठ कर चुके पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा भारतीय सुरक्षा बलों पर हमलों का सिलसिला तेज हुआ जिसके परिणामस्वरूप कुछ सुरक्षा बल शहीद तो हुए, लेकिन तमाम बड़े आतंकी चेहरे भी ढेर होते चले गए। PunjabKesari

पाकिस्तानी सेना को इस बात की भी भारी आशंका है कि भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा पास लांचिंग पैड पर घुसपैठ की फिराक में बैठे आतंकवादियों द्वारा सर्जिकल अथवा एयर स्ट्राइक की जा सकती है। इसलिए उसने अपने पूर्व सैनिकों को नियंत्रण रेखा से सटे बांडी, अब्बासपुर और आबाद किरनी जैसे इलाकों में 10-10 कनाल जमीन अलॉट करके बसा दिया। अब इन पूर्व सैनिकों के घर आतंकवादियों के लिए शरणस्थली का काम करते हैं। इन आतंकवादियों के उपचार के लिए इन इलाकों में छोटे-छोटे अस्पताल भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें छोटी सर्जरी तक की सुविधा है। 

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पाकिस्तानी सेना को इस बात का आभास है कि भारतीय सेना कभी रिहायशी इलाके में सर्जिकल स्ट्राइक नहीं करेगी, जिससे ये आतंकवादी बच जाएंगे। इसी प्रकार एयर स्ट्राइक के खतरे के मद्देनजर पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा से सटे इलाके में कहीं एंटी एयरक्राफ्ट गन तो कहीं एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें तैनात कर दी हैं। पाक सेना ने आई.एस.आई. के परामर्श पर अपने सैनिकों एवं आतंकवादियों पर आधारित 4 बॉर्डर एक्शन टीमों (बैट) का गठन किया है और नियंत्रण रेखा पर ‘जब्बार’ में बेहद क्रूर मानी जाने वाली ‘642 मुजाहिद बटालियन’ की तैनाती कर दी है। पाकिस्तानी सेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने नियंंत्रण रेखा के पास अभ्यास तेज कर दिया है जिससे पाकिस्तान युद्ध जैसी स्थिति बनाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों की उसकी गतिविधियों पर पैनी निगाह है। 

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सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करके भारतीय क्षेत्रों में अक्सर की जाने वाली गोलाबारी में भी बदलाव किया है। इसके लिए उसने अपनी मोर्टार गनों (लांचर) को अपनी सैन्य चौकियों के बजाय रिहायशी क्षेत्रों में तैनात कर दिया है, ताकि जब भारतीय सेना नियंत्रण रेखा के उस पार से आए मोर्टार के स्रोत का पीछा करते हुए जवाबी कार्रवाई करे तो रिहायशी इलाके में नुक्सान हो, जिसे पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भुना सके। भारतीय क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर बसे मुस्लिम समुदाय की इबादत में खलल डालकर उनकी धार्मिक भावनाओं को भडक़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा रमजान के दौरान अक्सर शाम को इफ्तार के समय गोलाबारी की जाती है। यह भी उसकी रणनीति का हिस्सा है। 
 

PunjabKesariभुखमरी के कगार पर आतंकी संगठन
बेशक, एफ.ए.टी.एफ. (फायनैंशियल एक्शन टास्क फोर्स) ने पाकिस्तान को फिलहाल ग्रे लिस्ट में रखा है, लेकिन आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के कारण उस पर रैड लिस्ट में शामिल किए जाने की तलवार अभी भी लटक रही है। इसके मद्देनजर भारत विरोधी हिंसक अभियान के लिए पाकिस्तान में आतंकी संगठनों द्वारा सरेआम की जाने वाली चंदा वसूली पर काफी हद तक अंकुश लगा है। खुद आर्थिक मंदी की शिकार हुई पाकिस्तान सरकार भी आतंकी संगठनों को ज्यादा मदद नहीं कर पा रही है, इसलिए पाकिस्तान से भारत विरोधी एजैंडा चलाने वाले आतंकवादी संगठन भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। पिछले कुछ समय से यह देखने में भी आया है तो सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार किए जाने वाले अथवा मारे जाने वाले आतंकवादियों से ज्यादा धनराशि की वसूली नहीं होती। हालात तो यहां तक खराब बताए जाते हैं कि पाक अधिकृत कश्मीर स्थित प्रशिक्षण शिविरों में आतंकवादियों को राशन तक की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए इन संगठनों का यह प्रयास है कि जल्दी से जल्दी ज्यादा से ज्यादा आतंकवादियों की भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाई जाए। 

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 कोरोना फैलाने की भी आशंका
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेना कोरोना संक्रमित आतंकवादियों को भारत में भेजकर यहां कोरोना फैलाने की साजिश भी रच रहा है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह तो इसकी आशंका भी जता चुके हैं। बहरहाल, पाकिस्तानी सेना भारत के खिलाफ कई मोर्चे खोलने की तैयारी में है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों के बुलंद हौसले को देखते हुए इस बात की संभावना बेहद क्षीण है कि वह अपने किसी मंसूबे में कामयाब हो पाएगी। 


 


Monika Jamwal

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