तमिलनाडु सरकार को पड़ी डांट, SC बोला- शराब बेचने के तरीके बताने के लिए नहीं बैठा कोर्ट

06/12/2020 4:34:24 PM

नेशनल डेस्कः सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को राज्य में ऑनलाइन अथवा सीधे शराब की बिक्री करने का तरीका अपनाने की अनुमति प्रदान करते हुए शुक्रवार को कहा कि शराब की बिक्री के तरीके निर्धारित करना अदालत का काम नहीं है। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम आर शाह की पीठ राज्य सरकार की फर्म तमिलनाडु राज्य विपणन निगम की इस दलील से सहमत थी कि उसे शराब की बिक्री सिर्फ ऑनलाइन करने और घर पहुंचाने के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता। राज्य में यह निगम ही शराब की बिक्री करता है। पीठ ने इस मामले की वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान तमिलनाडु राज्य विपणन निगम को निर्देश दिया कि वह दुकानों में शराब की बिक्री के बारे में तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करे।

 

सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई को तमिलनाडु में राज्य के स्वामित्व वाली शराब की दुकानों को खोलने का मार्ग प्रशस्त करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के 8 मई के आदेश पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने इन दुकानों को बंद करने का आदेश देते हुए कहा था कि Covid-19 के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने संबंधी दिशा निर्देशों का उल्लंघन हो रहा है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि शरब की दुकानों पर जबर्दस्त भीड़ हो रही है और सामाजिक दूरी के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने ऑन लाइन बिक्री के माध्यम से घरों में शराब पहुंचाने की अनुमति प्रदान की थी। तमिलनाडु सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर की थी। इस अपील में दलील दी गयी थी कि शराब की दुकानों को बंद करने से राज्य सरकार को राजस्व का बहुत नुकसान होगा और इससे व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह ठप्प हो जाएंगी।


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Content Writer

Seema Sharma

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