इस बार नीतिश कुमार के विधायक पलटेंगे! आरजेडी का दावा - JDU के दो दर्जन विधायक BJP के संपर्क में
punjabkesari.in Thursday, Feb 27, 2025 - 01:49 PM (IST)
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नेशनल डेस्क: बिहार की राजनीति में फिर से हलचल मच गई है। हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने बड़ा दावा किया है कि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के दो दर्जन से अधिक विधायक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संपर्क में हैं। आरजेडी ने यह दावा किया है कि बीजेपी बिहार में किसी भी समय अपनी सरकार बना सकती है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से हटा सकती है। बिहार में हाल के कैबिनेट विस्तार के बाद बीजेपी ने अपनी ताकत का भरपूर प्रदर्शन किया है। वर्तमान में बिहार के कैबिनेट में कुल 36 मंत्री हैं, जिनमें से 21 बीजेपी के और 13 जेडीयू के हैं। यह पहला मौका है जब बीजेपी के पास मंत्रिमंडल में स्पष्ट बहुमत है। ऐसे में आरजेडी का मानना है कि बीजेपी ने रणनीति के तहत अधिक मंत्रियों को जगह दी है ताकि वह सत्ता पर कब्जा कर सके।
आरजेडी का बड़ा आरोप
आरजेडी प्रवक्ता एज्या यादव ने दावा किया कि बीजेपी ने इस बार मंत्रिमंडल में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। उनका कहना था कि बीजेपी बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर करने की योजना बना सकती है। आरजेडी का कहना है कि 2013 में जब नीतीश कुमार ने बीजेपी के मंत्रियों को अपने कैबिनेट से बाहर किया था, तब से ही बीजेपी इस मौके का इंतजार कर रही थी। अब वह अपने प्रभाव को बढ़ाते हुए नीतीश कुमार के खिलाफ रणनीति बना रही है।
जेडीयू के अंदर की हलचल
आरजेडी का यह भी कहना है कि जेडीयू के चार बड़े नेता, जो बीजेपी के करीबी माने जाते हैं, पार्टी के विधायकों को बीजेपी की ओर आकर्षित कर रहे हैं। इससे जेडीयू के अंदर सत्ता संघर्ष और असंतुलन की स्थिति पैदा हो गई है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जेडीयू ने यह कहा कि उनके कोटे के मंत्री पहले से तय थे, लेकिन आरजेडी ने इसे राजनीतिक रूप से भ्रामक तरीके से पेश किया है।
क्या नीतीश कुमार सत्ता बनाए रख पाएंगे?
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बीजेपी का दबदबा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। जेडीयू अब बीजेपी के छोटे भाई की भूमिका में नजर आ रही है, जिससे सत्ता संतुलन अस्थिर हो गया है। आरजेडी का मानना है कि बीजेपी बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है। इस लिए उसने मंत्रिमंडल में अपने अधिक नेताओं को जगह दी और जेडीयू को सीमित स्थान दिया।
बिहार की राजनीति में नया मोड़?
यह घटनाक्रम इस ओर इशारा कर रहा है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव हो सकता है। बीजेपी और जेडीयू के बीच सत्ता साझेदारी असंतुलित होती दिख रही है। इस अस्थिरता का क्या परिणाम होगा, यह समय बताएगा। क्या नीतीश कुमार इस दबाव को झेल पाएंगे, या फिर बिहार में एक और राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा, यह एक बड़ा सवाल बन चुका है।