राहुल गांधी ने फिर साधा मोदी सरकार पर निशाना, कहा- दस्तावेज हटाने से तथ्य नहीं बदलेंगे

2020-08-06T21:45:09.07

नई दिल्लीः पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चीन का सामना करना तो दूर की बात, भारत के प्रधानमंत्री में उनका नाम तक लेने का साहस नहीं है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि चीन का सामना करना तो दूर की बात, भारत के प्रधानमंत्री में उनका नाम तक लेने का साहस नहीं है। इस बात से इनकार करना कि चीन हमारी मातृभूमि पर है और वेबसाइट से दस्तावेज़ हटाने से तथ्य नहीं बदलेंगे। गौरतलब है कि एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। पिछले महीने भारत और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 जवानों ने जान गंवा दी थी। इसके बाद लगातार एलएसी पर तनाव बना हुआ है।


इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि   राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लद्दाख में चीनी घुसपैठ को लेकर सच नहीं बोल रहे हैं और उन्हें इस संबंध में झूठ बोलने की वजह देश की जनता को बतानी चाहिए। गांधी ने मोदी से कहा कि वह गलत सूचना देश को दे रहे है, जबकि खबरों में कहा जा रहा है कि रक्षा मंत्रालय की मई माह की रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की है। मंत्रालय की रिपोर्ट में इस संबंध में विस्तृत विवरण दिया गया है। कांग्रेस नेता ने इस रिपोर्ट में दिए गए विवरण को लेकर एक समाचार पत्र में छपी खबर पोस्ट करते हुए ट्वीट किया 'प्रधानमंत्री झूठ क्यों बोल रहे हैं।'
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लंबे समय तक रह सकती है चीन के साथ तनातनी
गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि चीन द्वारा ‘एकतरफा' अतिक्रमण के कारण पूर्वी लद्दाख में स्थिति ‘संवेदनशील' बनी हुई है और वहां कड़ी निगरानी तथा बदली स्थिति के अनुरूप तुरंत कारर्वाई किये जाने की जरूरत है।   मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इस तरह की स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है। मंत्रालय ने एक दस्तावेज में जून से संबंधित प्रमुख गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट और 5 मई के बाद से विशेष रूप से गलवान घाटी में चीन का अतिक्रमण बढ रहा है।  
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चीनी सेना ने हॉट स्पिरिंग क्षेत्र में कुगरांग नाला और गोगरा तथा पेगांग त्सो के उत्तरी किनारे पर 17 और 18 मई को अतिक्रमण किया था। दस्तावेज में गत 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प का भी उल्लेख किया गया है जिसमें दोनों पक्षों के सैनिक हताहत हुए थे। इस हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। चीन के भी बड़ी संख्या में सैनिक हताहत हुए थे हालाकि चीन ने इस बारे में आधिकारिक संख्या का खुलासा नहीं किया है।  मंत्रालय ने कहा है कि स्वीकार्य सहमति बनाने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत चल रही है लेकिन मौजूदा गतिरोध के लंबा खिंचने की संभावना है। 

 

 


Yaspal

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