प्राइवेट कंपनी ने लिया दिहाड़ी मजदूरों के 2200 परिवारों को गोद

2020-03-26T22:05:07.957

नेशनल डेस्कः कोरोना वायरस से जंग के लिए लॉकडाउन में सबसे अधिक दिक्कत दिहाड़ी मजदूरों को उठानी पड़ रही है। ऐसे में लोग परेशान हैं। छोटे-मोटे कामों से होने वाली कमाई से अपना और अपने परिवार का गुजारा करते थे। लॉकडाउन से घरों में ही रहने की बाध्यता की वजह से इन लोगों के लिए दो वक्त का खाना भी जुटाना मुश्किल हो गया है।

संकट की घड़ी में ऐसे लोगों की मदद के लिए प्राइवेट कंपनी ‘वेव सिटी’ ने हाथ बढ़ाया है। वेव सिटी ने दिहाड़ी मजदूरों और खेत मजदूरों के 2,200 परिवारों को गोद लिया है। इससे करीब 6,000 लोगों तक मदद पहुंचेगी। ये परिवार काज़ीपुरा, बयाना, इकला, नैफाल, महरौली, कचेरा, दुयाल, इनायतपुर और भामेटा गांवों में रहते हैं।

इनमें वो 800 मजदूर भी शामिल हैं, जो वेव सिटी की साइट पर काम करते हैं। इन सभी लोगों को खाद्यान्न, दवाएं और अन्य मेडिकल हेल्प पूरे लॉकडाउन की अवधि तक उपलब्ध कराई जाएगी, जब तक कि उनकी ज़िंदगी सामान्य पटरी पर नहीं लौट आती।

वेव सिटी के चेयरमैन मनप्रीत सिंह चड्डा ने इस पहल को लेकर कहा, “जैसा कि आप जानते हैं कि हमारा देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हम सभी को घरों के अंदर रहने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इन सबके बीच सबसे ज्यादा प्रभावित दिहाड़ी कमाने वाले और मजदूर हो रहे हैं। इसे समझते हुए वेव सिटी ने अपनी साइट पर काम करने वाले सभी मजदूर परिवारों और गांवों में खेतों में किसानों के लिए जो मजदूर काम करते हैं, उन सभी की जिम्मेदारी ली है। ज़रूरी खाद्यान्न, मेडिकल आपूर्ति अगले 21 दिन तक उनके घरों तक पहुंचाई जाएगी।

मनप्रीत सिंह चड्डा ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग घरों में रहकर ही जीती जा सकती है, इसलिए सभी लॉकडाउन का पालन करें और सुरक्षित रहें। बता दें कि चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने भारत समेत पूरी दुनिया को जकड़ लिया है. भारत में कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 650 से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
 


Yaspal

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