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लेह में घायल सैनिकों से मिले PM मोदी, बोले- आपके साहस को दुनिया ने देखा

2020-07-03T21:23:39.197

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में घायल हुए सैनिकों से शुक्रवार को कहा कि उन्होंने ‘‘करारा जवाब'' दिया है। लेह में सेना के एक अस्पताल में भर्ती घायल सैनिकों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लिए जो उन्होंने खून बहाया है, उनकी बहादुरी आने वाले समय में प्रेरणा का स्रोत होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व यह चर्चा कर रहा है कि भारत के वीर सपूतों ने ‘‘ऐसी शक्ति'' के खिलाफ क्या अदम्य साहस का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि विश्व उन युवाओं, उनकी कुर्बानियां, उनके प्रशिक्षण और उनकी उत्कृष्ट प्रतिबद्धता के बारे में जानने को उत्सुक है। उन्होंने घायल सैनिकों से कहा, ‘‘जो जाबांज हमें छोड़ गये, वे बगैर कारण नहीं गये। साथ मिलकर, आप सब ने करारा जवाब भी दिया है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि 130 करोड़ भारतीयों को उन पर गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘आपके शौर्य और साहस से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल रही है। आपने जो खून बहाया है, लंबे समय तक युवाओं और नागरिकों को उससे प्रेरणा मिलेगी। 
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इससे पहले पीएम मोदी ने लेह में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘विस्तारवाद'' का युग समाप्त हो चुका है यह युग विकासवाद का है। विस्तारवाद की नीति ने विश्व शांति के लिए खतरा पैदा किया है और इसी अनुभव के आधार पर पूरे विश्व ने इस बार फिर विस्तारवाद के खिलाफ मन बना लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘विस्तार वाद का युग समाप्त हो चुका है। यह युग विकासवाद का है। तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है। विकासवाद के लिए अवसर है और विकासवाद भविष्य का आधार भी है।''
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प्रधानमंत्री ने कहा कि बीती शताब्दियों में विस्तारवाद ने ही मानवता का सबसे ज्यादा अहित किया और मानवता के विनाश का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ‘‘विस्तारवाद की जिद किसी पर सवार हो जाती है तो उसने हमेशा विश्व शांति के सामने खतरा पैदा किया है। और यह न भूलें इतिहास गवाह है। ऐसी ताकतें मिट गई हैं या मुड़ने को मजबूर हो गई है।''
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मोदी ने कहा, ‘‘विश्व का हमेशा यही अनुभव रहा है और इसी अनुभव के आधार पर अब इस बार फिर से पूरे विश्व ने विस्तारवाद के खिलाफ मन बना लिया है। आज विश्व विकासवाद को समर्पित है और विकासवाद की स्पर्धा का स्वागत कर रहा है।'' मोदी प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ सुबह करीब साढ़े नौ बजे लेह पहुंचे और वहां निमू में, जो एक अग्रिम स्थल है, थलसेना, वायुसेना एवं आईटीबीपी के कर्मियों से बातचीत की।
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सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को सीमा पर मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। सिंधु नदी के तट पर 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित निमू सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है। यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है। प्रधानमंत्री ने जवानों से कहा, ‘‘मैं गलवान घाटी में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों को एक बार फिर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। आपने जो वीरता हाल ही में दिखाई उससे विश्व में भारत की ताकत को लेकर एक संदेश गया है।'' सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को सीमा पर मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। सिंधु नदी के तट पर 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित निमू सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है। यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है। प्रधानमंत्री ने जवानों से कहा, ‘‘मैं गलवान घाटी में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों को एक बार फिर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। आपने जो वीरता हाल ही में दिखाई उससे विश्व में भारत की ताकत को लेकर एक संदेश गया है ।''


Yaspal

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