PM मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में वर्चुअली लिया हिस्सा,'वन अर्थ वन हेल्थ' का दिया मंत्र

2021-06-13T06:07:40.223

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जी-7 शिखर सम्मेलन के एक सत्र को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए कोरोना वायरस महामारी से प्रभावी तौर पर निपटने के लिए ‘‘एक धरती, एक स्वास्थ्य'' दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान किया।

भविष्य की महामारी को रोकने के लिए वैश्विक एकजुटता, नेतृत्व और तालमेल का आह्वान करते हुए मोदी ने चुनौती से निपटने के लिए लोकतांत्रिक और पारदर्शी समाजों की विशेष जिम्मेदारी पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड संबंधी प्रौद्योगिकियों पर पेटेंट छूट के लिए भारत, दक्षिण अफ्रीका द्वारा डब्ल्यूटीओ में दिए गए प्रस्ताव के लिए जी-7 के समर्थन का भी आह्वान किया। 

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्वास्थ्य शासन में सुधार को लेकर सामूहिक प्रयासों के लिए भारत के सहयोग की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कोविड संबंधी प्रौद्योगिकियों पर ट्रिप्स (बौद्धिक संपदा अधिकार के कारोबारी पहलुओं संबधी छूट) के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका द्वारा विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में दिए गए प्रस्ताव पर जी-7 के समर्थन का भी आह्वान किया।'' 

संपर्क सत्र में संबोधन के बारे में बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की बैठक से समूचे विश्व के लिए ‘एक धरती, एक स्वास्थ्य' का संदेश जाना चाहिए।'' जी-7 में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल हैं। जी-7 की अध्यक्षता कर रहे ब्रिटेन ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका को अतिथि देश के तौर पर आमंत्रित किया है। 

 


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Content Writer

Pardeep

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