पवार ने किया ममता का समर्थन, सीबीआई, ईडी की छापेमारी के खिलाफ विपक्ष के आए साथ

punjabkesari.in Tuesday, Mar 29, 2022 - 09:38 PM (IST)

नई दिल्लीः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने राजनीतिक प्रतिशोध के लिए सीबीआई, ईडी की छापेमारी के खिलाफ संयुक्त विपक्षी कार्रवाई का मंगलवार को समर्थन किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर उनसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने की अपील की।

पत्र में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की कथित प्रतिशोधात्मक राजनीति की आलोचना करते हुए, बनर्जी ने दोहराया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) जैसी एजेंसियों का ‘‘राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और उन्हें घेरने'' के लिए उपयोग कर देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने पर हमला किया जा रहा है। बनर्जी के इस पत्र के बारे में पूछे जाने पर पवार ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हम कल संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे। हम देखेंगे कि हम इस संबंध में एक साथ मिलकर क्या कर सकते हैं।''

इससे पहले, राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पवार ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक प्रतिशोध के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा छापेमारी करा रही है। उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगियों अनिल देशमुख और नवाब मलिक के खिलाफ छापेमारी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आज सत्ता में बैठे लोगों का मानना है कि जो लोग उनकी विचारधारा को साझा नहीं करते वे दुश्मन हैं। सीबीआई/ईडी की छापेमारी आम बात हो गई है और राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।''

पवार ने कहा, ‘‘राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना के हर नेता के खिलाफ कुछ न कुछ चल रहा है ... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन में एक बात है कि वह चाहते हैं कि लोगों की इच्छाओं की परवाह किए बिना, कश्मीर से कन्याकुमारी तक भाजपा का शासन हो।'' ‘द कश्मीर फाइल्स' फिल्म पर, राकांपा प्रमुख ने मोदी पर एक ऐसी फिल्म को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जो पुराने घावों को भरने के बजाय लोगों में गुस्सा भड़काती है।

पवार ने कहा, ‘‘कश्मीरी पंडितों के साथ जो कुछ भी हुआ वह देश के लिए अच्छा नहीं था। उन्हें अपना घर छोड़कर यहां आना पड़ा। लेकिन, हमें अतीत को भूलकर आगे बढ़ने और समुदायों के बीच सद्भाव स्थापित करने की दिशा में काम करने की जरूरत है। लेकिन देश पर शासन करने के लिए जिम्मेदार लोग एक ऐसी फिल्म का प्रचार कर रहे हैं जो लोगों में गुस्सा पैदा करती है।''


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Content Writer

Yaspal

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