Plane toilet waste: UP के इस जिले में प्लेन के टॉयलेट से गिरा यात्रियों का मल!
punjabkesari.in Monday, Nov 24, 2025 - 09:59 AM (IST)
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक ईंट भट्टे पर काम कर रहे मजदूरों की जान तब खतरे में पड़ गई जब अचानक आसमान से एक विशाल बर्फ का टुकड़ा ज़मीन पर गिरा। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बर्फ करीब 20 किलो का थी। हैरानी की बात यह है कि किसी भी श्रमिक को चोट नहीं लगी, लेकिन इस घटना ने आसपास के लोगों को स्तब्ध कर दिया।
क्या यह सच में हो सकता है?
ऐसे मामले दुर्लभ हैं लेकिन पूरी तरह असंभव नहीं। कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि हवाई जहाज से ‘ब्लू आइस’ गिरने की घटनाएं कभी-कभी होती हैं। ब्लू आइस, कमर्शियल एयरक्राफ्ट के टॉयलेट सिस्टम से लीक हुए तरल पदार्थ और कीटाणुनाशक का मिश्रण होता है, जो उच्च ऊंचाई पर जमकर बर्फ बन जाता है।
ब्लू आइस कैसे गिरता है?
अक्सर प्लेन के वेस्ट टैंक में जमा तरल पदार्थ उड़ान के दौरान रिसाव के कारण बाहर निकलता है। ऊंचाई और ठंड के चलते यह तरल तुरंत जम जाता है। प्लेन के उतरते समय यह बर्फ का टुकड़ा अलग होकर जमीन पर गिर सकता है। इससे इंसान या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, लेकिन इसके लिए आम तौर पर जानबूझकर कुछ नहीं किया जाता।
वैश्विक घटनाएं और जोखिम
1979 से 2003 के बीच अमेरिका में ऐसे 27 मामले दर्ज किए गए, जिसमें प्लेन से ब्लू आइस गिरने के कारण संपत्ति को नुकसान हुआ। कभी-कभी यह एयरक्राफ्ट के इंजन को भी खतरे में डाल सकता है। जापान के टोक्यो में 2000 के दशक की शुरुआत में इसी तरह की घटना में लोगों की मृत्यु भी हुई थी।
यूपी के मामले की जांच
बदायूं पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है और जांच शुरू कर दी है। अभी यह साफ नहीं है कि यह बर्फ किस कारण से गिरी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के लिए सावधानी जरूरी है, खासकर उन इलाकों में जो एयरपोर्ट या प्लेन की अप्रोच पथ के नीचे आते हैं।
ब्लू आइस के बारे में जानें
यह हवाई जहाज के टॉयलेट वेस्ट सिस्टम से लीक होने वाले इंसानी अपशिष्ट और डिसइंफेक्टेंट का मिश्रण होता है।
ऊंचाई पर जमकर बर्फ बन जाता है और कभी-कभी जमीन पर गिरता है।
एयरलाइन को उड़ान के दौरान वेस्ट डंप करने की अनुमति नहीं होती, लेकिन रिसाव कभी-कभी हो जाता है।
जमीन पर गिरने पर लोगों और संपत्ति के लिए खतरा रहता है।
