नेपाल की राह पर PAK, जारी किया विवादित नक्शा, 'कश्मीर, लद्दाख, जूनागढ़' को बताया अपना हिस्सा

2020-08-04T22:18:47.657

नेशनल डेस्कः पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटे हुए एक साल पूरा हो जाएगा। इस अवसर पर पाकिस्तान में इसका विरोध करने की तैयारी चल रही है। वहीं इससे पहले नेपाल के रास्ते पर चलते हुए इमरान कान ने एक बड़ा विवाद खड़ा करने की कोशिश कर दी है। दरअसल, पाकिस्तान ने मंगलवार को अपना नया राजनीतिक नक्शा जारी किया है। इस नक्शे में पाकिस्तान ने भारत के कई इलाकों को अपना बताया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को एक बैठक में इन नए नक्शे को पेश किया। इसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के सियाचिन और गुजरात के जूनागढ़ को अपना बताया है।
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सियाचिन-सर क्रीक को अपना बताया 
इमरान खान ने कैबिनेट की बैठक के बाद देश का नया पॉलिटिकल मैप जारी किया है। इस मैप में सियाचिन को पाकिस्तान का हिस्सा बताया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यह ऐलान करते हुए दावा किया है कि भारत ने यहां अवैध तरीके से निर्माण करा रखा है। यही नहीं, यह मानते हुए कि सर क्रीक में भारत के साथ उसका विवाद है, पाकिस्तान ने साफ कह दिया है कि उसने इस इलाके को अपने नक्शे में शामिल कर लिया है। 
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जूनागढ़ पर भी ठोक दिया दावा 
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पाकिस्तान पहले भी दावा ठोकता रहा है। खास बात यह है कि इस बार उसने गुजरात के जूनागढ़ को भी अपने हिस्से में शामिल कर लिया है। पाकिस्तान ने नए मैप में जहां भारतीय क्षेत्रों पर अपना दावा ठोका है, वहीं जिन हिस्सों को लेकर चीन और भारत के बीच विवाद चल रहा है, उन्हें 'अनडिफाइंड फ्रंटियर' करार दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब पाकिस्तान यह नक्शा संयुक्त राष्ट्र के सामने पेश करने की तैयारी में है। गौर करने वाली बात है कि एक दिन पहले ही नियंत्रण रेखा पर शाह और देश के रक्षामंत्री पहुंचे थे और उन्होंने कहा था कि कश्मीर के लोगों को आजादी का हक देने के समर्थन में हैं। इसके एक दिन बाद ही सरकार ने खुद ही पूरे-के-पूरे कश्मीर पर ही अपना दावा ठोक दिया है। 
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नेपाल के नक्शे-कदम पर पाकिस्तान 
गौरतलब है कि भारत के साथ सीमा विवाद के बाद नेपाल ने भी ऐसा ही किया था। लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपना बताते हुए नेपाल सरकार ने अपने देश का नया नक्शा जारी कर दिया। इसके बाद इस नक्शे को संसद में पारित करा लिया। खास बात यह है कि हाल ही में नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने कहा कि देश का चीन के साथ कोई सीमा विवाद नहीं है, भारत के साथ है।


Yaspal

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