IHME की कोविड चेतावनी- 'कठोर कदम' न उठाए तो 1 अगस्त तक भारत में होगी 10 लाख से ज्यादा मौतें

2021-05-05T12:58:30.49

लॉस एंजलिसः दुनिया में कहर मचाने वाला कोरोना वायरस सबसे अधिक भारत में तबाही मचा रहा है।  देश में संक्रमण के आंकड़े और उससे होने वाली मौतें बढ़ती जा रही हैं। अमेरिका के  इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) का अनुमान है कि अगर जल्द  'कठोर कदम' नहीं उठाए गए तो 1 अगस्त तक भारत में 10 लाख से ज्यादा कोविड मौतें हो सकती हैं। इससे पहले संस्था ने इस तारीख तक 960,000 मौतों का अनुमान लगाया था।

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IHME के अनुसार हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने के लिए कठोर कदम उठाए बिना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और फेस मास्क के प्रभावी इस्तेमाल के बिना भारत की स्थिति काफी खराब है। IHME वाशिंगटन विश्वविद्यालय में एक वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र है और कोविड-19 पर इसके अनुमानों को व्यापक रूप से मजबूत मॉडल के आधार पर स्वीकार किया गया है।

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IHME के अनुमान के मुताबिक 1 अगस्त 2021 तक भारत में 1,019,000 कोविड मौतें हो सकती हैं। और  सबसे खराब स्थिति में मौतों की संख्या 12 लाख तक हो सकती है। यह अनुमान 25 से 30 अप्रैल के बीच के डाटा पर आधारित है। इस जानलेवा बीमारी के चलते पिछले हफ्ते कोरोना से मरने वालों की संख्या में 78% का इजाफा दर्ज किया गया। अमेरिका में बाइडेन  प्रशासन के शीर्ष अफसर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सलीवियन  ने कहा कि भारत में यह महामारी काबू से बाहर हो चुकी है।

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IHME का अनुमान है कि रोजाना हो रही कोविड मौतों की पीक 20 मई को होगी, जब एक दिन में 12,000 मौतें हो सकती हैं। संस्था ने पहले इस पीक के लिए 16 मई की तारीख का अनुमान लगाया था। हालांकि अगर यूनिवर्सल मास्क कवरेज (95%) तक अगले हफ्ते में पा लिया जाता है तो हमारे मॉडल के हिसाब से 1 अगस्त तक अनुमानित मौतों में 73,000 की कमी आ जाएगी। IHME ने कहा कि उसका अनुमान इस बात पर आधारित है कि क्या होने की सबसे ज्यादा संभावना है। आईएचएमई ने कहा कि अगर वैक्सीन इसी रफ्तार पर दी जाती हैं और सरकार किस तरह सोशल डिस्टेंसिंग नियमों को लागू कराती है, इस पर मॉडल आधारित है।


Content Writer

Tanuja

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