ऑफ द रिकॉर्ड: जैड प्लस सुरक्षा देने का सरकार का अजीब तरीका

2019-11-15T04:34:28.017

नेशनल डेस्क: सरकार वी.वी.आई.पी. को जैड प्लस सुरक्षा कवर देने के अजीब तरीके अपना रही है। इसका विषय दोबारा विभिन्न एजैंसियों की संयुक्त को-आर्डिनेशन कमेटी की बैठक में उठा, जब पिछले सप्ताह सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एस.पी.जी. सुरक्षा वापस लेकर उन्हें सी.आर.पी.एफ. की जैड प्लस सुरक्षा प्रदान की। 

इसके बाद केंद्रीय अर्धसैनिक बल के कमांडो की एक टुकड़ी ने लुटियन दिल्ली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है। गांधी को सी.आर.पी.एफ. सुरक्षा देने से पहले जैड प्लस सुरक्षा घेरे में लाल कृष्ण अडवानी और मुरली मनोहर जोशी को ब्लैक कैट कमांडो भी मिले हुए हैं। 

वहीं आंतरिक घेरे में उच्च प्रशिक्षित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड सुरक्षा प्रदान करते हैं। अमित शाह को भी जैड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई, लेकिन उनको भी दो सुरक्षा कवर प्रदान किए गए। इसके अलावा उनकी सुरक्षा में कुछ गुजरात पुलिस अफसर भी शामिल  हैं।  इसमें  कोई शक  नहीं  कि  केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.) वी.वी.आई.पी. के लिए एक विशेष सुरक्षा इकाई है, जिसे अखिल भारतीय आधार पर गांधी परिवार को जैड प्लस सुरक्षा कवर प्रदान करने का  काम  सौंपा  गया है।

इसके अलावा एक दर्जन व्यक्तियों को जैड प्लस सुरक्षा कवर प्राप्त है। इन सभी को सी.आर.पी.एफ. कवर और उनमें से एक घेरे में एन.एस.जी. व सी.आर.पी.एफ. सुरक्षा कवर प्राप्त है। एजैंसियों का कहना है कि सिख उग्रवादियों, लिट्टे और इस तरह के अन्य समूहों से गांधी को लगातार खतरा बना हुआ है। वे वर्तमान में भारत में स्लीपिंग मॉड्यूल हो सकते हैं, लेकिन पड़ोसी देश यूरोप और मध्य पूर्व के देशों में बहुत सक्रिय हैं।


Pardeep

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