ऑफ द रिकॉर्डः  जी-23 निष्क्रिय, कांग्रेस जिंदाबाद

punjabkesari.in Sunday, Oct 02, 2022 - 04:37 AM (IST)

नेशनल डेस्कः कांग्रेस के अधिकांश नाराज और असंतुष्ट नेताओं द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खडग़े की उम्मीदवारी को अपना समर्थन देने के साथ ही जी-23 लगभग मर चुका है। यह और भी आश्चर्य की बात है कि जी-23 नेताओं के प्रमुख सदस्यों में से एक शशि थरूर को भी उनसे कोई समर्थन नहीं मिला। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा हों, मनीष तिवारी हों या पृथ्वीराज चव्हाण या मुकुल वासनिक, उनमें से किसी ने भी शशि थरूर के नाम का प्रस्ताव या समर्थन नहीं किया। उन्होंने एकजुट होकर अपना समर्थन 80 वर्षीय खड़गे को दिया। यहां तक कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी खडग़े के लिए पैरवी करने में सबसे आगे थे।

गुलाम नबी आजाद पहले ही अपना राजनीतिक संगठन बनाने के लिए पार्टी छोड़ चुके हैं जबकि कपिल सिब्बल समाजवादी पार्टी के समर्थन से एक स्वतंत्र राज्यसभा सांसद बनकर खुश हैं।योगानंद शास्त्री राकांपा में शामिल हो गए। यहां तक कि शशि थरूर भी, जो अन्य नेताओं के साथ सोनिया गांधी को 2020 के पत्र के हस्ताक्षरकत्र्ता थे, ‘एकता का सुर’ अलाप रहे हैं। वे सभी यह महसूस करते हुए चुप हो गए हैं कि उनका भविष्य कांग्रेस पार्टी में है और लोकसभा चुनाव 2 साल के भीतर होने वाले हैं। 

असंतुष्ट समूह ने थरूर से दूरी बनाए रखना सुविधाजनक समझा और मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्मीदवारी का समर्थन किया। किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए अगर थरूर अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से चयन का मार्ग प्रशस्त करते हुए इस दौड़ से पीछे हटने का फैसला करते हैं। 

जी-23 के वरिष्ठ नेताओं में से एक पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, ‘‘मांग कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव करवाने की थी। क्योंकि यह मांग पूरी हो गई है इसलिए खडग़े की उम्मीदवारी का विरोध करने का कोई सवाल ही नहीं था। मुझे खडग़े का फोन आया। उन्होंने मुझसे उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने का आग्रह किया था।’’-


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Pardeep

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