ऑफ द रिकॉर्डः एयर इंडिया प्रमुख लोहानी को फिर सेवा विस्तार!

1/12/2020 9:18:40 AM

नेशनल डेस्कः एयर इंडिया का विनिवेश हो या न हो लेकिन इसके चेयरमैन अश्विनी लोहानी का भविष्य उज्ज्वल है। वह रेलवे में महा प्रबंधक थे और उन्हें मध्य प्रदेश में पर्यटन के प्रचार के लिए नियुक्त किया गया था। मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद उन्हें आर्थिक तौर पर बीमार आई.टी.डी.सी. का चेयरमैन बनाया। उनका काम आई.टी.डी.सी. को बेचना था लेकिन यह मुमकिन न हो सका। उन्हें दोबारा एयर इंडिया का अध्यक्ष बनाया गया और उन्हें एयर इंडिया को बेचने की जिम्मेदारी सौंपी गई। 
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मोदी सरकार का प्यार उनसे और बढ़ा तथा उन्हें रातों-रात रेलवे बोर्ड का चेयरमैन बना दिया गया जहां वह करीब 2 साल तक रहे और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें फिर से एयर इंडिया का अध्यक्ष बना दिया गया। उन्हें एक के बाद एक सेवा विस्तार मिलता गया। एयर इंडिया के जल्दी विनिवेश का रास्ता तैयार करने के लिए उन्हें फिर से सेवा विस्तार मिल सकता है। लोहानी का कार्यकाल 15 फरवरी 2020 को खत्म हो रहा है। अमित शाह के नेतृत्व वाली हाई पावर कमेटी ने ‘महाराजा’ की विनिवेश योजना को फास्ट ट्रैक पर डाल दिया है। यह प्रक्रिया अगले वित्त वर्ष तक पूरी हो जाएगी।
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इससे पहले सरकार एयर इंडिया में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी ही बेचना चाहती थी लेकिन किसी ने बोली नहीं लगाई। जिसके बाद सरकार ने बोली की शर्तों की समीक्षा की और पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। इसके साथ ही स्पैशल पर्पस व्हीकल (एस.पी.वी.) को अतिरिक्त 20,000 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। इससे एयर इंडिया को खरीदने वाले को यह रकम नहीं चुकानी पड़ेगी। सरकार पहले ही एस.पी.वी. कही जाने वाली एयर इंडिया एसैट होल्डिंग कंपनी को 29,464 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर चुकी है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एयर इंडिया के 20,000 कर्मचारियों का सरकार क्या करेगी। 2018-19 के आंकड़ों के मुताबिक एयर इंडिया पर 58,351.93 करोड़ रुपए का कर्ज है। 
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Pardeep

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