ऑफ द रिकॉर्ड: केंद्र की 45 लाख वर्क फोर्स की होगी समीक्षा

10/4/2019 3:14:41 PM

नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार के 45 लाख कर्मचारियों वाली भारी-भरकम वर्क फोर्स की उपयोगिता की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अन्य मुहिम शुरू की है। उन्होंने सभी 88 मंत्रालयों और विभागों में कर्मचारियों की समीक्षा के आदेश दिए हैं। सरकार की भर्ती योजना के तहत इससे पहले किसी प्रधानमंत्री ने इतने बड़े पैमाने पर श्रम शक्ति को लेकर इस तरह का कदम नहीं उठाया था। 
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पी.एम.ओ. के सूत्रों का कहना है कि इसका उद्देश्य बेरोजगारी का मुकाबला करना और नई भर्तियों में तेजी लाना है। इन प्रशासनिक सुधारों से नई नौकरियां पैदा होंगी क्योंकि वक्त बदल चुका है और पुराने ढंग की व जीर्ण-शीर्ण श्रम शक्ति को हटाना होगा। 17 सितम्बर को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा वैबसाइट पर ‘कैडर रिव्यू डिवीजन’ के अंतर्गत जारी नोटिस में सरकार ने विभिन्न सेवाओं/कैडर/पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों की सर्विस प्रोफाइल मांगी है। सभी मंत्रालयों और विभागों से 30 सितम्बर तक यह जानकारी मांगी गई। 
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सभी 45 लाख कर्मचारियों से उनकी उपयोगिता का लेखा-जोखा मांगा गया। हर किसी को लिखित में अपनी उपयोगिता के बारे में बताने को कहा गया था। इस बारे में जारी डैडलाइन 30 सितम्बर को समाप्त हो गई। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु कम करने और सेवा के वर्ष निश्चित करने पर विचार कर रही है ताकि अधिक प्रमोशनों को रोका जा सके। 
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हालांकि यह योजना शुरूआती चरण में ही है। इसका मुख्य लक्ष्य सरकार के खर्च को कम करना है। सरकार की योजना है कि ऐसे कर्मचारियों को रिटायर कर दिया जाए जिन्हें नौकरी करते 33 साल पूरे हो गए हों या जिनकी उम्र 58 वर्ष हो गई हो अथवा इनमें से जो भी पहले हो। इस योजना को वित्तीय रूप से लागू करने के प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है।  


Pardeep

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