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ऑफ द रिकॉर्ड: ‘अब की बार ट्रंप सरकार’ ने मोदी को परेशानी में डाला

2019-10-05T08:23:30.053

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितम्बर को ह्यूस्टन में ‘हाऊडी मोदी’ कार्यक्रम में कहा था-‘अब की बार ट्रंप सरकार’, उनकी यह टिप्पणी भारतीय राजनयिकों के लिए सिरदर्द बन गई है। यह विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा क्योंकि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार में भी इसे उठाया जा रहा है। 
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ट्रम्प अभी महाभियोग प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं, वहीं मोदी प्रशासन इस संबंधी विवाद को किनारे करने की कोशिश कर रहा है। भारतीय विदेश नीति के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि जब सरकार के प्रमुख ने किसी दूसरे देश के प्रमुख के बारे में ऐसी टिप्पणी की हो, वह भी तब जबकि वहां चुनाव होने जा रहे हों। उनकी टिप्पणी को ट्रंप के लिए चुनाव प्रचार की तरह देखा जा रहा है। 
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भारतीय राजनयिक इस पर लीपापोती करने में लगे हैं कि यह जुबान का फिसलना या पुरानी घटना का जिक्र करना है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर को सार्वजनिक तौर पर यह सफाई देनी पड़ी कि मोदी ‘अब की बार ट्रंप सरकार’ कहकर 2020 के चुनाव के लिए डोनाल्ड ट्रंप के लिए प्रचार नहीं कर रहे थे। जयशंकर ने कहा कि मोदी ने जो कहा उसे ध्यान से सुनना चाहिए। मोदी ने कहा था कि ट्रंप ने अपने पिछले चुनाव में इसका (अब की बार ट्रंप सरकार) इस्तेमाल किया था। मोदी इसी का जिक्र कर रहे थे। 
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जयशंकर ने वाशिंगटन में पत्रकारों को सफाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा हमें उसका गलत मतलब नहीं निकालना चाहिए। मोदी ने कहा था, ‘राष्ट्रपति पद के उम्मीदीवार ट्रम्प‘ ने इस स्लोगन का इस्तेमाल किया था। लेकिन मोदी ने अपने भाषण में इसे जिस तरह जोर देकर कहा और समारोह स्थल में जैसा माहौल था इसे ट्रंप के लिए खुले तौर पर प्रचार के रूप में देखा गया जिससे विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लपक लिया। राहुल ने मोदी की टिप्पणी और जयशंकर की सफाई का उल्लेख करते हुए ट्विटर पर इसकी आलोचना की। 
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डोनाल्ड ट्रंप के अपने कैम्पेन मैनेजर ने हाऊडी मोदी इवैंट को राष्ट्रपति के लिए प्रचार के तौर पर देखा। ट्रंप के 2020 के कैम्पेन के लिए राष्ट्रीय प्रैस सचिव कैलिग मैकइनानी ने 23 सितम्बर को ट्विटर पर लिखा: ‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ह्यूस्टन में प्रचार किया जब दोनों नेता हाथों में हाथ डाल कर चले और 50,000 भारतीय मूल के अमरीकियों को संबोधित किया। अमरीकी मीडिया भी इसे प्रचार के तौर पर देखता है। इसने मोदी के लिए भले ही परेशानी खड़ी कर दी हो लेकिन ट्रंप उम्मीद करते हैं कि चुनावों में उन्हें अमरीका में रहने वाले 40 लाख भारतीयों का समर्थन मिलेगा।’’ 


Pardeep

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