अब आसानी से बद्रीनाथ धाम जा सकेंगे श्रद्धालु, हाईवे पर दूर हुई सालों पुरानी परेशानी

2021-01-07T16:32:21.213

नेशनल डेस्क: उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम की यात्रा में नासूर बने ‘लामबगड़ स्लाइड जोन' का स्थायी ट्रीटमेंट कर लिया गया है। लगभग 26 सालों से लम्बित इस परियोजना को पूरा करने में वर्तमान त्रिवेंद्र रावत सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिसके कार्यकाल में डोबरा घाटी पुल निर्माण के बाद यह दूसरी योजना है, जिसे पूरा किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की इच्छाशक्ति और सख्ती की बदौलत यह प्रोजेक्ट महज दो साल में ही पूरा हो गया। तकरीबन 500 मीटर लंबे स्लाइड जोन का ट्रीटमेंट 107 करोड़ की लागत से किया गया। अब बद्रीनाथ धाम की यात्रा निर्बाध हो सकेगी, जिससे तीर्थयात्रियों को परेशानियों से निजात मिलेगी।

 

बता दें कि सीमांत जनपद चमोली में 26 साल पहले ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर पाण्डुकेश्वर के पास लामबगड़ में पहाड़ के दरकने से स्लाइड जोन बन गया। हल्की-सी बारिश में ही पहाड़ से भारी मलवा सड़क पर आ जाने से हर साल बदरीनाथ धाम की यात्रा अक्सर बाधित होने लगी। लगभग 500 मीटर लंबा यह जोन यात्रा के लिए नासूर बन गया। पिछले ढाई दशकों में इस स्थान पर खासकर बरसात के दिनों मे कई वाहनों के मलवे में दबने के साथ ही कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। करोड़ों खर्च होने पर भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। पूर्व मे जब लामबगड़ में बैराज का निर्माण किया जा रहा था, तब जेपी कंपनी ने इस स्थान सुरंग निर्माण का प्रस्ताव रखा, लेकिन उस वक्त यह सड़क बीआरओ के अधीन थी और बीआरओ ने भी सुरंग बनाने के लिए हामी भर दी थी। दोनों के एस्टीमेट कास्ट मे बड़ा अंतर होने के कारण मामला अधर मे लटक गया था।

 

इसके बाद साल 2013 की भीषण आपदा में लामबगड स्लाइड जोन में हाईवे का नामोनिशां मिट गया। तब सड़क परिवहन मंत्रालय ने लामबगड स्लाइड जोन के स्थाई ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी एनएच पीडब्लूडी को दी। NH से विदेशी कंपनी मैकाफेरी नामक कंपनी ने यह कार्य लिया। फॉरेस्ट क्लीयरेंस समेत तमाम अड़चनों की वजह से ट्रीटमेंट का यह काम धीमा पड़ता गया। साल 2017 में त्रिवेन्द्र सरकार के सत्ता में आते ही ये तमाम अड़चनें मिशन मोड में दूर की गईं और दिसंबर 2018 में प्रोजेक्ट का काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ। महज दो साल में अब यह ट्रीटमेंट पूरा हो चुका है। अब अगले 10 दिन के भीतर इसे जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। इसे त्रिवेन्द्र सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।


Content Writer

Seema Sharma

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