नेपाल बाढ़ की तबाही में बचे इकलौते घर के मालिक का Shocking खुलासा, बताया कैसे ''भगवान शिव ने बचाया''
punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2026 - 02:18 PM (IST)
Kathmandu: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। त्रिशूली नदी के उफान ने रास्ते में आने वाली गाड़ियों, सामान और कई ढांचों को बहा दिया। इसी तबाही के बीच एक हरे रंग का घर ऐसा था, जो चारों तरफ मलबे और पानी के तेज बहाव के बावजूद मजबूती से खड़ा रहा। घर में मौजूद परिवार के सभी लोग भी सुरक्षित बच गए। इस घर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज बहाव के साथ मलबा और दूसरी चीजें बह रही हैं, लेकिन बाढ़ के बीच हरा घर अकेला मजबूती से खड़ा दिखाई देता है। आसपास का मंजर इतना भयावह था कि इसे देखने वाले लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।
That family in the green house, visible from a distance, had no idea what was coming. As the tsunami moved closer, the camera angle changed, and within seconds, the entire house simply disappeared.
— Cipher (@Jakeszhy) August 28, 2026
What is happening in Nepal is beyond human understanding😭
Praying for them pic.twitter.com/rgwiVcs4cB
अब इस घर में रहने वाली लक्ष्मी पांडे ने उस भयावह रात की कहानी सुनाई है। पत्रकार बरखा दत्त से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि भगवान शिव ने उनके परिवार की जान बचाई। लक्ष्मी ने बताया कि जब पानी चारों तरफ से घर को घेर चुका था और हालात लगातार बिगड़ रहे थे, तब वह 'ओम नमः शिवाय' का जाप कर रही थीं। परिवार रोज भगवान की पूजा करता है और लक्ष्मी का मानना है कि इसी आस्था ने उन्हें उस मुश्किल वक्त में हिम्मत दी।लक्ष्मी के पति प्रकाश पारकोरल ने उस वक्त को याद करते हुए कहा कि जब परिवार घर के भीतर फंसा था, तब उन्हें लग रहा था कि शायद यह उनका आखिरी समय है। पूरा परिवार एक साथ जमा हो गया था। बाहर पानी का शोर और तबाही का मंजर था। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि वे इस सैलाब से जिंदा निकल पाएंगे। प्रकाश ने कहा कि सुरक्षित बच निकलना उनके लिए दूसरे जन्म जैसा है।
Fascinating video on how that viral house survived the Nepal flash flood.
— David Zorkocy (@DavidZorkocy) August 30, 2026
This house was just built different… literally! pic.twitter.com/oQbE0H29YA
बातचीत के दौरान लक्ष्मी भावुक हो गईं। उन्होंने हाथ में रखी लाल पोटली दिखाई, जिसमें उनके सुहाग की निशानी सिंदूर रखा था। उन्होंने बताया कि बाढ़ के उस भयावह समय में भी वह अपनी सुहाग की निशानी को लेकर बेहद भावुक थीं। उन्होंने अपनी मां से कहा था कि उनका सुहाग सुरक्षित रहेगा। परिवार के लिए यह सिर्फ बाढ़ से बचने की कहानी नहीं, बल्कि उस रात के डर, आस्था और उम्मीद से जुड़ी याद बन गई है।हरे घर के बच जाने की तस्वीरें भले ही दुनिया का ध्यान खींच रही हों, लेकिन परिवार का दर्द इससे कहीं बड़ा है। प्रकाश ने बताया कि बाढ़ में उनका घर और दुकान तबाह हो गए। यानी जिस घर के सुरक्षित बचने को लोग चमत्कार मान रहे हैं, उसके भीतर रहने वाले परिवार की आर्थिक जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। परिवार का कहना है कि लोग उनके बचे हुए घर को देख रहे हैं, लेकिन बाढ़ के बाद जिंदगी को दोबारा खड़ा करने की उनकी मुश्किल कोई नहीं देख रहा।
