मैगी, कुरकुरे और थम्स अप की तारीखों में हेरफेर, फर्जी न्यूट्रिशन लेबल लगाए- नवी मुंबई में बड़ा फूड फर्जीवाड़ा उजागर
punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 08:20 AM (IST)
मुंबई: महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (FDA) की छह दिन की जांच के दौरान नवी मुंबई के एक गोदाम में एक्सपायर हो चुके और एक्सपायर होने वाले खाद्य उत्पाद मिले, जिन पर बदली हुई एक्सपायरी तारीखें और न्यूट्रिशन लेबल लगे थे। इस ऑपरेशन में पेप्सिको, नेस्ले, यूनिलीवर और कोका-कोला जैसे बड़े ब्रांडों के असली प्रोडक्ट शामिल थे। अधिकारियों को पैकेजिंग से तारीखें मिटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल और नए लेबल छापने वाली मशीनें भी मिलीं। जांच के दौरान गोदाम तक पहुंचने वाली रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने वहां से लगभग $80,000 कीमत का सामान ज़ब्त किया।
Private ownership वाली साधना एंटरप्राइजेज द्वारा संचालित यह गोदाम नवी मुंबई के एक Industrial area में स्थित था, जो मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 25 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों को इस जगह पर चार कमरों में उपभोक्ता उत्पादों के लगभग 5,000 कार्टन मिले। इनमें पेप्सिको के लेज़ और कुरकुरे चिप्स, नेस्ले के मैगी मसाला नूडल्स, यूनिलीवर के नॉर मशरूम सूप और हेलमैन्स मेयोनेज़, और कोका-कोला के थम्स अप और लिम्का के कैन शामिल थे।
खबरों के अनुसार, कई कुरकुरे और मैगी पैकेट, साथ ही थम्स अप कैन से उनकी असली तारीखें हटा दी गई थीं। अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादातर उत्पाद या तो एक्सपायर हो चुके थे या एक्सपायर होने वाले थे।
एक्सपायरी तारीखों को हटाया जाता था
इस ऑपरेशन में कथित तौर पर नई जानकारी छापने से पहले असली मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तारीखों को हटाया जाता था। गोदाम के अंदर मिले एक केमिकल सॉल्वेंट की पहचान अधिकारियों ने खाद्य पैकेजिंग से तारीखें मिटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल के तौर पर की। इसके बाद वर्कर कथित तौर पर एक मशीन का इस्तेमाल करके पैकेट और कैन पर नई जानकारी छापते थे। पुलिस डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि नई जानकारी छापने से पहले असली मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी जानकारी को खुरचकर या मिटाकर हटा दिया गया था।
न्यूट्रिशन लेबल में हेरफेर
विदेश भेजने के लिए नकली न्यूट्रिशन लेबल चिपकाए जा रहे थे। कुरकुरे के पैकेट्स पर न्यूट्रिशन वैल्यू में कैलोरी और सर्विंग साइज को बदलकर इंग्लिश और फ्रेंच भाषा के फर्जी स्टीकर लगाए गए थे। कुरकुरे पैक पर बदले हुए लेबल में सामग्री (ingredients) में अनाज से बने प्रोडक्ट्स की बताई गई मात्रा को 10% कम कर दिया गया था। इसमें कैलोरी और सर्विंग साइज़ की संख्या भी बदल दी गई थी, ताकि प्रोडक्ट की जानकारी विदेशी बाज़ारों के नियमों के मुताबिक हो सके। अधिकारियों को ऐसे प्रोडक्ट्स भी मिले जिन पर ऐसी मैन्युफैक्चरिंग तारीखें लिखी थीं जो अभी आई भी नहीं थीं।
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख तुकाराम मुंडे ने रॉयटर्स को बताया कि कुछ पैक्स पर 2 अक्टूबर, 2026 की मैन्युफैक्चरिंग तारीख दोबारा प्रिंट की गई थी। तुकाराम मुंडे ने इसे एक सुनियोजित और चौंकाने वाला अपराध बताया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गोदाम 19 अज्ञात एक्सपोर्टर्स के लिए काम कर रहा था। अधिकारियों ने बड़ी कंपनियों से सप्लाई चेन और ब्रांडिंग पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की है।
