युवा प्रयास करेें तो लॉकडाउन का तो सवाल ही पैदा नहीं होता: मोदी

2021-04-20T23:27:18.437

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के बीच आज राज्यों का आह्वान किया कि वे इस महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन को अंतिम विकल्प मानें और प्रवासी श्रमिकों को भरोसा दिलायें कि उनका कामकाज बंद नहीं होगा और उन्हें कोविड को टीका भी सुनिश्चित किया जाएगा।

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मोदी ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच आज राष्ट्र के नाम संबोधन में देशवासियों को विश्वास दिलाया कि समाज में धैर्य अनुशासन एवं तैयारी के साथ इस तूफान को भी परास्त कर पाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि देश में ऑक्सीजन एवं आवश्यक दवाओं के उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए सरकार ने समुचित कदम उठायें हैं और आने वाले दिनों में इसका असर दिखाई देगा। 

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उन्होंने कहा कि देश में सतकर्ता एवं जागरूकता बढ़ाने तथा डर का माहौल कम करने की जरूरत है और टीका लगने के बाद भी दवाई भी और कड़ाई भी के मंत्र का अनुपालन जरूरी है। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे लॉकडाउन को अंतिम विकल्प मानें और माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ज्यादा फोकस करें।

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कामगारों का तेजी से टीकाकरण किया जाए
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका कम से कम प्रभावित हों। इसके लिए कामगारों का तेजी से टीकाकरण किया जाए। राज्यों को श्रमिकों के बीच यह भरोसा जगाना होगा कि वे जहां हैं, वहीं रहें। उन्हें टीका भी लगाया जाएगा और कामधंधा भी बंद नहीं होगा।'' 

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प्रधानमंत्री ने कहा कि एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नौजवानों को भी टीका लगेगा। देश में स्वदेशी टीकों का उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। अब से आधे टीके राज्यों एवं अस्पतालों को सीधे दिये जाएंगे। 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए टीकाकरण का कार्यक्रम पूर्ववत चलता रहेगा। गरीब, निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग के लिए निशुल्क टीका लगता रहेगा। प्रयास है कि लोगों का जीवन बच जाये। उन्होंने बच्चों का भी आह्वान किया कि वे अपने घरों में बड़ों को अनावश्यक घर से बाहर नहीं जाने का आग्रह करें। 

दुनिया में सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है। भारत में दो कंपनियों की वैक्सीन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। दुनिया में सबसे तेजी से पहले दस करोड़ फिर 11 करोड़ फिर 12 करोड़ डोज दिए गए हैं। हमें इससे हौसला मिलता है कि देश की जनसंख्या के बड़े हिस्से को वैक्सीन लग चुकी है। 


 
 

 


 

 


Content Writer

Anil dev

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