उत्तराखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की मुलाकात सियासी गलियारों में बनी पहेली

punjabkesari.in Wednesday, Nov 24, 2021 - 11:04 AM (IST)

नेशनल डेस्क: उत्तराखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की मुलाकात इन दिनों सियासी गलियारों में एक पहेली की तरह की चर्चाओं का विषय बनी हुई है। इसी साल मार्च में मुख्यमंत्री पद से हटाए गए भाजपा नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत के साथ मुलाकात की, तो दोनों ही पार्टियों में इस मुलाकात को लेकर सुगबुगाहटें शुरू हुईं। सिर्फ मुलाकात ही नहीं हुई, बल्कि दोनों नेताओं ने इस भेंट के बारे में सोशल मीडिया पर भी जानकारी और तस्वीरें साझा कीं। हालांकि दोनों ने सोशल मीडिया पर एक दूसरे के हाल-चाल और सेहत जानने को ही इस छोटी सी मुलाकात का मकसद बताया।

क्या हैं दोनों दिग्गजों के मुलाकात के मायने
हरीश रावत ने मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत जी को उत्साहपूर्ण मूड में देखकर अच्छा लगा। जबकि त्रिवेंद्र सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘लंबे अंतराल के बाद आदरणीय हरीश रावत जी से चलते-चलते भेंट हुई। कोरोना के पश्चात उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा। स्वास्थ्य के बारे में पूछने पर उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि मैं स्वस्थ हूं। दोनों ने अपनी पोस्ट में एक दूसरे को टैग किया, तो सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लेकर हल्का-फुल्का हास्य का माहौल भी बना रहा और कुछ अटकलें भी दिखीं। इधर, इस मुलाकात को लेकर राजनीति के जानकार मान रहे हैं चूंकि सीएम पद से हटाए जाने को लेकर त्रिवेंद्र सिंह भाजपा से संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए इस तरह की पोस्ट खुलकर करना अपनी ही पार्टी को एक तरह से अहम इशारा भी हो सकता है। पिछले दिनों हरक सिंह रावत और अन्य विधायकों के कांग्रेस में जाने की चर्चा काफी रह चुकी है, इसलिए त्रिवेंद्र सिंह के कांग्रेस जॉइन करने को लेकर चर्चा स्वाभाविक तौर पर उभर कर आई।

चुनावी माहौल में माना जा रहा दबाव बनाने का प्रयास
उत्तराखंड में चुनावी माहौल के बीच भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह को एक तरह से दरकिनार ही किया है और अपने चुनाव प्रचार अभियान में भी उन्हें खास तवज्जो नहीं दी है। ऐसे में जानकारों की मानें तो हरीश रावत के साथ मिलना, उनके साथ की तस्वीर खुलेआम शेयर करना एक तरह से भाजपा के नेताओं को संकेत है। त्रिवेंद्र सिंह भाजपा को बताना चाह रहे हैं कि उन्हें कमजोर न समझा जाए और यह भी उनके पास विकल्प खुले हुए हैं। इस बारे में त्रिवेंद्र सिंह के हवाले से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह बहुत अनौपचारिक भेंट थी। बकौल हरीश रावत वह देहरादून में रविवार को एक साइकोथेरेपी सेंटर में थे, तभी त्रिवेंद्र सिंह उनसे मिलने आए, क्योंकि उस जगह के पास ही वह रहते हैं। दोनों ने इस मौके पर एक–दूसरे की सेहत के बारे में जानकारी ली और रावत के मुताबिक कुछ और खास चर्चा नहीं हुई।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Anil dev

Related News

Recommended News