मुस्लिम समुदाय ने किया हिंदू बुजुर्ग का अंतिम संस्कार, पेश की इंसानियत की मिसाल

punjabkesari.in Sunday, Feb 11, 2024 - 12:42 AM (IST)

नेशनल डेस्कः इस धरती पर रहने वाले सभी इंसान हैं। हिन्दू हो या मुस्लिम, सभी एक हैं। यूं तो कई ऐसे लोग हैं जो अपने फायदों के लिए दोनों धर्मों के बीच विवाद और आपसी वैमनस्य फैला रहे हैं, मगर कुछ लोग हैं, जो भाईचारे को जिंदा रख रहे हैं। एक ऐसा ही पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है।

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले से सामाजिक सौहार्द की एक मिसाल देश के सामने पेश हुई है। यहां के मुस्लिम बहुल गांव में सिर्फ एक हिंदू परिवार रहता है। हिंदू व्यक्ति की मौत के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के साथ गांव के मुसलमानों ने किया। इतना ही नहीं, एक हादसे के बाद पिता का एक पैर कट गया था। लिहाजा, वह उस तरह काम नहीं कर सकते थे।

पड़ोसी मुस्लिम समुदाय के लोग उनके पिता से प्यार करते थे। इसी वजह से गांव के हिंदू परिवार की देखभाल भी मुस्लिम समुदाय करता था। मृतक की बेटी ने बताया कि ग्रामीण हर परिस्थिति में उनके साथ रहते हैं। पिता के निधन के बाद घर में तीन बहनें बची हैं। मानवता की ऐसी ही बानगी गुरुवार को पूर्व बर्धमान के पाटुली के दमपाल घाट पर देखने को मिली।

कटवा थाना अंतर्गत सिंगी पंचायत के शिमुलगाछी गांव के एकमात्र हिंदू बुजुर्ग गणेश हाजरा की मौत के बाद शिमुलगाछी के मुस्लिम ग्रामीणों ने उनके शव का अंतिम संस्कार किया। गांव में एक हिंदू परिवार को छोड़ बाकी मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। मृतक की बेटी चुमकी हाजरा ने कहा कि ये ग्रामीण हर परिस्थिति में उनके साथ रहते हैं।


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Pardeep

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