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मुंबई हवाईअड्डा घोटाला: सीबीआई ने मुंबई, हैदराबाद में जीवीके समूह के कार्यालयों पर छापेमारी

2020-07-02T17:09:40.553

नई दिल्लीः सीबीआई ने मुंबई हवाई अड्डे के संचालन में 705 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं के संबंध में जीवीके समूह के चेयरमैन वेंकट कृष्ण रेड्डी गणपति के खिलाफ एक मामला दर्ज करने के बाद समूह के मुंबई और हैदराबाद स्थित कार्यालयों की तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने बुधवार को तलाशी ली और यह देर शाम तक चलती रही। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला एमआईएएल से 705 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी से जुड़ा है।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) लिमिटेड ने मुंबई हवाईअड्डे के रखरखाव और उन्नयन के लिए सार्वजनिक निजी साझेदारी वाली कंपनी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) के तहत जीवीके समूह की कंपनी जीवीके एयपोर्टस होल्डिंग्स लिमिटेड और अन्य निवेशकों के साथ संयुक्त उपक्रम बनाया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गणपति और एमआईएएल के प्रबंध निदेशक उनके बेटे जीवी संजय रेड्डी, एमआईएएल कंपनियों जीवीके एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड और नौ अन्य निजी कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एएआई ने चार अप्रैल 2006 को एमआईएएल के साथ मुंबई हवाईअड्डे के आधुनिकीकरण, रखरखाव, परिचालन और देखरेख के लिए एक करार किया।
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अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ऐसा आरोप है कि एमआईएएल में जीवीके समूह के प्रवर्तकों ने उसके अधिकारियों तथा एएआई के अज्ञात अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके अलग-अलग तरीकों से पैसे का गबन किया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2017-18 में नौ कंपनियों को कामकाज के फर्जी ठेके दिखाकर पैसों की हेराफेरी की जिससे 310 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि जीवीके समूह के प्रवर्तकों ने कथित तौर पर एमआईएएल की 395 करोड़ रुपये की आरक्षित निधि का दुरुपयोग किया और अपने समूह की कंपनियों में उसे लगाया। एजेंसी का आरोप है कि समूह ने अपने मुख्यालय में कार्यरत और समूह की कंपनियों के कर्मचारियों को भुगतान दिखाकर एमआईएएल के खर्च संबंधी आंकड़ों को बढ़ा दिया। हालांकि ये कर्मचारी एमआईएलए के परिचालन में शामिल नहीं थे। इससे एएआई को राजस्व का नुकसान हुआ। 

 


Yaspal

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