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सीमा पार से घुसपैठ की बढ़ी कोशिशों को नाकाम करने के लिए अधिेक सतर्कता की जरूरत : डीजीपी

2020-06-09T13:23:44.04

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने स्वीकार किया कि कुछ दिन पहले आतंकवादियों के कुछ समूह घुसपैठ करने में कामयाब हुए थे। उन्होंने इसके साथ ही सोमवार को कहा कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों को सीमा पार भेजने की बढ़ी कोशिशों को नाकाम करने के लिए घुसैपठ रोधी प्रणाली को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। डीजीपी ने कहा कि सैकड़ों की संख्या में आतंकवादी नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार बने लांचिग पैड पर मौजूद हैं जो सर्दी में भी सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा के इस पार हथियारों को गिराने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की कोशिश हुई है। केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस प्रमुख ने पत्रकारों से कहा,'सीमा की सुरक्षा में तैनात जवानों को और सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि घाटी में आतंकवादियों की कम होती संख्या से निराश पाकिस्तान सभी तरफ से आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है ताकि आतंकवाद की आग दहकती रहे।'

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उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक 36 आतंकवाद रोधी अभियानों में कई कमांडरों सहित 88 आतंकवादी मारे गए हैं और उनके 280 मददगारों को गिरफ्तार किया गया है। सिंह ने कहा,'पाकिस्तान और उसकी एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा दोनों जगह से आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन हमारे सुरक्षा बल सतर्क हैं और इस साल कई कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर चुके हैं। हालांकि, आतंकवादियों के कुछ समूह पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन कर की गई गोलीबारी की आड़ लेकर और सुरक्षा बाड़ काटकर घुसपैठ करने में कामयाब हुए हैं।'

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उन्होंने कहा कि यह लगभग तय है कि घुसपैठ हुई है। डीजीपी ने कहा कि कुछ समूह सीमा के इस पार नौशेरा, मेंढर, जम्मू क्षेत्र के राजौरी एवं पुंछ जिले के कुछ अन्य हिस्सों से घुसपैठ करने में कामयाब हुए हैं। उन्होंने कहा,'हमें घुसपैठ करने वालों की विस्तृत जानकारी है लेकिन कोई सूचना साझा नहीं कर सकते क्योंकि जांच चल रही है।' सिंह ने कहा कि पिछले साल उत्तरी कश्मीर के केरन, माछिल और गुरेज सेक्टरों से घुसपैठ की लगातार कोशिशें सामने आई और इस साल भी स्थिति अलग नहीं है। इस साल के शुरु में जम्मू के नजदीक नगरोटा में हुई मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानी घुसपैठियों के मारे जाने का संदर्भ देते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जांच में खुलासा हुआ कि एक अन्य समूह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते घुसपैठ कराने में मदद की थी।PunjabKesari

 सिंह ने 31 मार्च को कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने की घटना को रेखांकित करते हुए कहा, 'वे बर्फ पिघलने का भी इंतजार नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि सेना के आकलन के मुताबिक, कश्मीर से लगती नियंत्रण रेखा के नजदीक स्थित प्रशिक्षण शिविरों में 150 से 250 आतंकवादी मौजूद हैं जबकि जम्मू क्षेत्र से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के उसपार 125 से 150 आतंकवादी मौजूद हैं। इलाके में सक्रिय आतंकवादियों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यह हमेशा एक नहीं होती लेकिन 2017,2018 और 2019 के मुकाबले उनकी संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा,'विदेशी आतंकवादियों की संख्या भी काफी कम है।'

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सिंह ने कहा कि आतंकवादी लगातार हथियारों की तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'संकेत मिला है कि ड्रोन के जरिये हथियार सीमा के इस पार भेजने की कोशिश हुई है लेकिन इस बारे में स्पष्ट तस्वीर नहीं है।' सिंह ने कई युवाओं के आतंकवादी संगठनों से जुड़ने के सवाल पर कहा कि हमारी कोशिशें रंग ला रही है। उन्होंने कहा, 'युवा काफी बुद्धिमान हैं और पाकिस्तान के खेल को जानते हैं। वे सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार और कश्मीर में पाकिस्तान परस्तों के बहकावे में नहीं आएंगे।' पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अवंतीपुरा में आतंकवादी संगठन में शामिल होने जा रहे तीन युवकों को पुलिस ने रविवार को बचाया। उन्होंने बताया कि इन लोगों को कुछ लोगों ने उकसाया था जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
 


Monika Jamwal

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