ऑफ द रिकॉर्डः ‘ममता की जिद से किसानों का फायदा, 6000 की जगह पाएंगे 18,000 रुपए’

2021-02-23T05:11:10.217

नई दिल्लीः लगभग 3 साल तक केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्टियां लिखते रहे कि वह किसानों की लिस्ट भेजें ताकि उन्हें हर चौथे महीने 2000 रुपए दिए जा सकें परंतु ममता ने जिद के कारण किसानों के नाम और उनके बैंक अकाऊंट नंबर केंद्र को नहीं भेजे। इसके विपरीत ममता ने किसानों के लिए खुद की योजना शुरू कर दी। 

विधानसभा चुनाव निकट आने से दबाव बढऩे पर उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ दिलाने के लिए अढ़ाई लाख किसानों की एक सूची केंद्र को भेजी। 2019 से प. बंगाल को छोड़कर देशभर के किसान हर साल 6,000 रुपए अपने खातों में पा रहे हैं। कृषि मंत्रालय के सर्वेक्षण के अनुसार प. बंगाल में 71.23 लाख किसान हैं। इनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए योग्य किसानों की संख्या लगभग 23 लाख बनती है परंतु ममता ने मात्र अढ़ाई लाख किसानों की सूची केंद्र को भेजी। इस सूची में भी कई किसानों के बैंक अकाऊंट का विवरण नहीं था और कई अन्य त्रुुटियां भी थीं। केंद्र ने सूची वापस भेजकर उचित फॉर्मेट में सूची दोबारा भेजने के लिए कहा। 

ममता ने मंच से कहा था कि उन्होंने किसानों की सूची केंद्र को भेज दी है, अब यह प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर है कि वे प. बंगाल के किसानों को पैसे दें या न दें। जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज्य के दौरे पर गए थे तो वह अवसर का लाभ उठाने के लिए पूरी तैयारी करके गए थे। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से पहले ही बात कर ली थी। शाह ने घोषणा की कि राज्य के किसानों को 6,000 नहीं बल्कि 18,000 रुपए दिए जाएंगे। यह कैसे होगा? 

किसानों को पिछले 2 सालों 2019 व 2020 के साथ-साथ 2021 के पैसे इकट्ठे मिलेंगे तो यह राशि 18,000 रुपए बनेगी। अब राज्य के किसान परिवारों को उम्मीद है कि भाजपा सत्ता में आएगी तो उन्हें यह भारी-भरकम राशि मिलेगी। ममता कुढ़ रही हैं परंतु वह शिकायत भी तो नहीं कर सकतीं।-


Content Writer

Pardeep

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