लोकसभा चुनावों, भारी बारिश के कारण आई इस्पात उद्योग में सुस्ती: केंद्रीय मंत्री

2019-10-20T22:23:06.373

इंदौर: लोकसभा चुनावों और मानसून की भारी बारिश को इस्पात क्षेत्र की सुस्ती से जोड़ते हुए केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने रविवार को कहा कि सरकार इस्पात उद्योग को इस समस्या से उबारने का प्रयास कर रही है। कुलस्ते ने कहा,"मुझे कुछ लोगों से चर्चा के बाद इस्पात क्षेत्र में मंदी का कारण समझ आया है। इस बार लगातार चार महीने भारी बारिश से इस्पात की मांग प्रभावित रही। बरसात के मौसम में इस्पात क्षेत्र के सारे काम-काज लगभग बंद हो जाते हैं। इससे पहले, देश में लोकसभा चुनावों का दौर रहा।" उन्होंने कहा, "लोकसभा चुनावों के दौरान पूरा देश कम से कम दो-ढाई महीने तो काम में लगा ही रहता है। इस अवधि के बाद भारी बारिश शुरू हो गई। इससे इस्पात उद्योग को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।" 

कुलस्ते ने कहा कि इस्पात उद्योग की सुस्ती सरकार के लिए चिंता का विषय है और इसे दूर करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश में इस्पात का सालाना उत्पादन फिलहाल 10.6 करोड़ टन है और इसे 2030 तक तीन गुना बढ़ाकर 30 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के यहां 18 अक्टूबर को आयोजित निवेशक सम्मेलन में केंद्र के मंत्रियों के नहीं दिखाई देने के बारे में पूछे जाने पर कुलस्ते ने कहा,"मैं खुद मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखता हूं। इस सम्मेलन में शामिल होने को लेकर हमसे प्रदेश सरकार ने कोई बातचीत ही नहीं की थी। ऐसे में मैं भला क्या टिप्पणी कर सकता हूं?"


shukdev

Related News