5 साल पहले भारत में पकड़ा गया था काबुल एयरपोर्ट का आत्मघाती हमलावर, सुरक्षा व्यवस्था अलर्ट मोड पर

09/20/2021 3:52:32 AM

नई दिल्लीः अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे पर अगस्त में भीड़ के बीच विस्फोट कर खुद को उड़ा लेने वाले आत्मघाती हमलावर की पहचान पांच साल पहले भारत में गिरफ्तार एक संदिग्ध अफगानी आतंकवादी के रूप में किये जाने के बाद देश भर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है और सुरक्षा बलों को ‘अलर्ट मोड' पर रखा गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि इस रिपोर्ट के बाद देश भर में पुलिस और सुरक्षा बलों को ‘अलर्ट मोड' पर रखा गया है। आत्मघाती हमलावर विस्फोटों को अंजाम देने के लिए भारत आया था और गिरफ्तार करने के बाद उसे अफगानिस्तान भेज दिया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस सुरक्षा मुद्दों को लेकर सदैव नियमित बैठक करती है। हम संदिग्धों पर हमेशा नजर रखते हैं। हमने ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपने बलों को अलटर् पर रखा है।'' अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर उचित कारर्वाई करेगी। 

उन्होंने कहा, ‘‘हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों समेत सभी संवेदनशील स्थानों पर कड़ी सुरक्षा और निगरानी रखी जाती रही है, लेकिन जब भी ऐसी रिपोटर् आती हैं तो सतकर्ता और बढ़ा दी जाती है। अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस हाल के दिनों में कई संदिग्ध आतंकवादियों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार करने में सफल रही है। निश्चित रूप से ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। हमारी खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा बल आतंकवादी हमलों से निपटने में सक्षम हैं।'' 

गौरतलब है कि इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) ने अपनी प्रचार पत्रिका सॉत-अल-हिंद ने दावा किया है कि काबुल में जिस आत्मघाती हमलावर अब्दुल रहमान अल-लोगरी ने 13 अमेरिकी नौसैनिकों सहित 250 लोगों को मार डाला था, उसे पांच साल पहले भारत में एक खुफिया अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उसने कहा, ‘‘भाई को पांच साल पहले भारत में गिरफ्तार किया गया था, जब वह कश्मीर का बदला लेने के लिए गाय की पूजा करने वाले हिंदुओं के खिलाफ एक इस्तिशादी (शहादत) अभियान के लिए दिल्ली गया था लेकिन अल्लाह ने कुछ और ही फैसला किया था। भाई को कारावास की सजा दी गयी और अफगानिस्तान भेज दिया गया।'' 

यह हमलावर भारत में कई जगहों को निशाना बनाने आया था, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया और बाद में उसे अफगानिस्तान प्रत्यर्पित कर दिया, जहां उसे जेल में डाल दिया गया। अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन और तालिबान के सरकार के काबिज होने के बाद वह कई अन्य खूंखार आतंकवादियों के साथ जेल से बाहर निकलने में सफल रहा। 


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Content Writer

Pardeep

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