कश्मीर को दहलाने आए थे मारे गए आतंकी, 11 AK-47, 29 ग्रेनेड मिले...सेना ने ट्रक को बम से उड़ाया

2020-11-19T15:47:26.067

नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नगरोटा क्षेत्र में गुरुवार की सुबह सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में चार आतंकियों को मार गिराया है। जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) के दो जवान घायल हो गए। मारे गए आतंकियों के पास से 11 AK-47 और 29 ग्रेनेड मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ तड़के लगभग साढ़े पांच बजे नगरोटा के वन क्षेत्र में टोल प्लाजा के पास शुरू हुई। मुठभेड़ के बाद हाईवे बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि 3-4 आतंकवादी ट्रक के जरिए जम्मू-श्रीनगर हाईवे के रास्ते कश्मीर जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने नाके पर आतंकियो को घेर लिया।

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आतंकी फायरिंग करते हुए जंगल की तरफ भागे जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई। सुरक्षा बलों को कश्मीर में आतंकियों के ट्रक से जाने की सूचना थी जिसेक बाद जांच के लिए हाइवे पर नाका लगाया गया। सुरक्षा बलों ने जिस ट्रक रोका है, उस पर जम्मू-कश्मीर का नंबर लगा हुआ है। आतंकियों के ट्रक से भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों का इलाके में अभी सर्च ऑप्रेशन जारी है।

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पुलिस महानिरीक्षक (जम्मू रेंज) ने अपने ट्विटर हैंडिल पर लिखा कि जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बान टोल प्लाजा के समीप मुठभेड़ में चार आतंकवादी ढेर हो गए और एसओजी के दो जवान घायल हुए हैं। मुठभेड़ में घायल हुए जवानों की पहचान कुलदीप राज (अखनूर) और मोहम्मद इशाक मलिक ( नील कासिम बनिहाल , रामबन) के रूप में की गई है। दोनों को जम्मू के सरकारी मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे और वे हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से घुसे हैं।

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जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) विजय कुमार ने गुरुवार को कहा कि नगरोटा-जम्मू राजमार्ग पर हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी घाटी में होने वाले जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव में बाधा पहुंचाना चाहते थे। IGP कुमार ने बताया कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के उस पार करीब 250 से 300 आतंकवादी मौजूद हैं जो कश्मीर घाटी में होने वाली भारी बफर्बारी से पहले भारतीय सीमा में घुसपैठ करना चाहते हैं लेकिन सुरक्षाबलों के जवान पूरी सतकर्ता के साथ मुस्तैद हैं और आतंकवादियों की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे। दरअसल, भारी बफर्बारी के कारण घुसपैठ वाले रास्ते बंद हो जाते हैं।


Seema Sharma

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