''1947 के पाकिस्तानी हमले में कश्मीरियों के लिए वरदान बनी थी भारतीय सेना''

2020-10-29T12:46:50.883

नेशनल डेस्क: राजनीतिक कार्यकर्ता मिसफार हसन ने कहा कि भारतीय सेना ने 1947 में पाकिस्तानी कबायलियों के हमले से कश्मीरियों को बचाया था, और इस ऐतिहासिक तथ्यों को हम नाकार नहीं सकते। भारत की आजादी के दो महीने बाद ही 22 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला कर दिया और सामूहिक लूट और बर्बरता की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानियों को अंजाम दिया था। 

 

मिसफार हसन ने उस घटना को याद करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि 27 अक्टूबर 1947 का दिन जब जब भारतीय सेना ने निहत्थे कश्मीरियों को पाकिस्तान के कायरतापूर्ण क्रूर हमले से बचाया था। बता दें कि इस हमले में हजारों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को मौत के घाट उतार दिया गया और हमलावरों ने उस समय के एक आबाद शहर बारामूला पर कब्जा जमा लिया था। 

 

उस समय ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह जम्मू-कश्मीर की आर्मी के प्रमुख थे। कश्मीर को कबायलियों से बचाने में उनकी भूमिका सबसे अहम रही है। करीब 150 जवानों और बहुत ही कम हथियारों की मदद से उन्होंने हजारों पाकिस्तानी हमलावरों को चार दिनों तक रोके रखा। उस दौरान महाराजा हरि सिंह को भारत में कश्मीर के विलय का मौका मिल गया और भारतीय सेना मदद के लिए पहुंच गई। 
 


Content Writer

vasudha

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