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भारत का पहला स्वचालित कोरोना टेस्टिंग सिस्टम लॉन्च, रोज कर सकेगा 400 टेस्ट

2020-07-07T20:55:39.867

नई दिल्लीः पुणे की माइलैब डिस्कवरी सॉल्युशंस ने आणविक निदान जांच की मानवीय प्रक्रियाओं को स्वचालित तरीके पूरा करने वाली मशीन ‘कॉम्पैक्ट एक्सएल' पेश की है। यह मशीन कोविड-19 का परीक्षण करने वाली आरटी-पीसीआर किट से की जाने वाली जांच में भी काम आती है। कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि वह 13 जुलाई से इस मशीन के ऑर्डर लेना शुरू कर देगी। हालांकि अभी कंपनी ने इसकी आपूर्ति करने की तारीख और कीमत का खुलासा नहीं किया है। कंपनी ने बताया कि यह मशीन रोजाना 400 टेस्ट कर सकती है।


गौरतलब है कि इससे पहले कंपनी को मार्च में केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) से अपनी कोविड-19 जांच किट के वाणिज्यिक उत्पादन की मंजूरी मिली थी। कंपनी की किट भारत निर्मित पहली ऐसी ऐसी किसी किट थी जिसे सरकार की मंजूरी मिली। बयान के मुताबिक कंपनी की स्वचालित मशीन जांच के नमूनों को संभालने से लेकर परीक्षण तक की कई प्रयोगशाला प्रक्रियाओं को यह मशीन खुद से करने में सक्षम है। यह एक बार में कई तरह के नमूनों का परीक्षण कर सकती है। यह मशीन प्लाज्मा, ऊतक और बलगम जैसे नमूनों की जांच कर सकती है।

माईलैब के प्रबंध निदेशक हसमुख रावल ने कहा कि उन्नत जांच प्रक्रियाओं में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह हमारा अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी उत्पाद है। ‘कॉम्पैक्ट एक्सएल' प्रयोगशाला के लिए 700 वर्गफुट के साफ कमरे की जगह लेने में सक्षम है। यह मात्र 4x3 फुट की जगह में मेज के ऊपर रखकर भी काम कर सकती है। इसलिए प्रयोगशाला में काम करने वाले 3 से 4 विशेषज्ञों की जगह इसके साथ बस एक कर्मचारी से ही काम चल जाएगा। यह जांच प्रयोगशालाओं की लागत को कम करेगी।

 

 


Yaspal

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