भारत ने आजादी दिवस समारोह में श्रीलंकाई नौसेना को सौंपा डोर्नियर समुद्री टोही विमान

punjabkesari.in Monday, Aug 15, 2022 - 04:43 PM (IST)

 कोलंबोः  भारत ने सोमवार को आजादी दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर चल रहे एक समारोह में श्रीलंकाई नौसेना को एक डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान सौंपा जो द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और बढ़ाएगा। इस अवसर पर यहां भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत और श्रीलंका की सुरक्षा आपसी समझ, परस्पर विश्वास और सहयोग से बढ़ी है। समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे भी मौजूद थे। भारतीय नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे ने कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले के साथ कोलंबो अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन के पास कातुनायके में श्रीलंका की वायु सेना के एक केंद्र पर श्रीलंकाई नौसेना को समुद्री निगरानी विमान सौंपा।

 

एडमिरल घोरमडे श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। उच्चायुक्त बागले ने समारोह में कहा, ‘‘भारत और श्रीलंका की सुरक्षा आपसी समझ, परस्पर विश्वास और सहयोग से बढ़ी है। डोर्नियर 228 को प्रदान करना इस दिशा में भारत का सबसे नया योगदान है।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत के साथ सहयोग के अन्य क्षेत्रों के परिणाम की तरह श्रीलंका की वायु सेना को डोर्नियर प्रदान करना प्रासंगिक है और समुद्री सुरक्षा की उसकी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। यह भारत की उसके मित्रों की शक्ति बढ़ाने की क्षमता का उदाहरण है।'' भारत के 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समारोह आयोजित किया गया।

 

नयी दिल्ली में सूत्रों ने कहा कि श्रीलंका की तात्कालिक सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद के लिए भारतीय नौसेना से श्रीलंका को यह विमान दिया जा रहा है। भारतीय नौसेना ने श्रीलंका की नौसेना और वायु सेना के एक दल को समुद्री टोही विमान का गहन प्रशिक्षण भी दिया है। नयी दिल्ली में एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर कहा, ‘श्रीलंका भारत का प्रमुख साझेदार रहा है और हम आने वाले महीनों और सालों में अपने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाते रहेंगे।''

 

श्रीलंकाई अधिकारियों ने बताया कि भारत और श्रीलंका के बीच नयी दिल्ली में 2018 में हुए रक्षा संवाद के दौरान श्रीलंका ने अपनी समुद्री निगरानी क्षमताएं बढ़ाने के लिए भारत से दो डोर्नियर टोही विमान हासिल करने की संभावनाओं पर बातचीत की थी। इस विमान को श्रीलंकाई वायु सेना के 15 सदस्य उड़ा सकेंगे, जिन्हें चार महीनों तक भारत में खासतौर से प्रशिक्षण दिया गया है। इस दल में पायलट, पर्यवेक्षक, इंजीनियरिंग अधिकारी और टेक्नीशियन शामिल हैं। श्रीलंकाई वायु सेना से जुड़ा भारत सरकार का तकनीकी दल इसकी निगरानी करेगा। 


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Content Writer

Tanuja

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