ISRO का ताकतवर संचार उपग्रह GSAT-30 सफलतापूर्व लॉन्च, बढ़ेगी इंटरनेट स्पीड

2020-01-17T09:23:10.467

बेंगलुरुः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने फ्रेंच गुयाना से एरियन-5 प्रक्षेपण यान के माध्यम से संचार उपग्रह जीसैट-30 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। इसरो ने शुक्रवार तड़के 2.35 मिनट पर GSAT-30 की लॉन्चिंग की। लॉन्चिंग के कुछ ही समय बाद GSAT-30 से एरियन-5 VA251 का ऊपरी हिस्सा सफलतापूर्वक अलग हो गया और अपनी तय कक्षा में स्थापित भी हो गया है। इसरो का साल 2020 में यह पहला मिशन है। जीसैट-30 उपग्रह का वजन 3357 किलोग्राम है। इसरो के अध्यक्ष डॉ के. सिवन ने बताया कि यह कई फ्रिक्वेंसी में काम करने में सक्षम है। भारतीय उपमहाद्वीप के साथ खाड़ी के देश, अधिकांश एशियाई देश और आस्ट्रेलिया तक इसकी पहुंच होगी।

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इसरो ने कहा कि जीसैट-30 इनसैट-4 ए की जगह लेगा और उसकी कवरेज क्षमता अधिक होगी। उसने बताया कि यह उपग्रह केयू बैंड में भारतीय मुख्य भूमि और द्वीपों को, सी बैंड में खाड़ी देशों, बड़ी संख्या में एशियाई देशों और आस्ट्रेलिया को कवरेज प्रदान करता है। इसरो के मुताबिक 30 साल की मिशन अवधि वाला जीसैट उपग्रह डीटीएच, टेलीविजन अपलिंक और वीसैट सेवाओं के लिए क्रियाशील संचार उपग्रह है।

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इसरो ने कहा कि जीसैट-30 के संचार पेलोड को इस अंतरिक्ष यान में अधिकतम ट्रांसपोंडर लगाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। उसके अनुसार इसका उपयोग व्यापक रूप से वीसैट नेटवर्क, टेलीविजन अपलिंकिंग, टेलीपोर्ट सेवाएं, डिजिटल सैटेलाइट खबर संग्रहण (डीएसएनजी) , डीटीएच टेलीविजन सेवाओं आदि के लिए किया जाएगा।

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Seema Sharma

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