भारत देश के इस मंदिर में मां काली को लड्डू या फल नहीं, बल्कि नूडल्स और फ्राइड राइस का चढ़ाया जाता है भोग

punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 05:36 PM (IST)

नेशनल डेस्क : भारत अपनी विविध संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में जाना जाता है। देश में कई मंदिर ऐसे हैं, जहां की पूजा पद्धति और परंपराएं आम मंदिरों से बिल्कुल अलग होती हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित एक प्रसिद्ध काली मंदिर भी ऐसा ही है। यह मंदिर तांग्रा क्षेत्र में स्थित है, जिसे स्थानीय लोग चाइना टाउन के नाम से भी जानते हैं। यहां आने वाले भक्त मां काली के दर्शन के लिए नियमित रूप से आते हैं और मंदिर की अनोखी परंपराओं में हिस्सा लेते हैं।

यह भी पढ़ें - हेमा मालिनी को धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में क्यों नहीं बुलाया गया? सामने आई ये चौंकाने वाली बड़ी वजह

इस मंदिर की सबसे खास और अनोखी बात यह है कि यहां मां काली को पारंपरिक लड्डू या फल नहीं, बल्कि नूडल्स और अन्य चाइनीज व्यंजन भोग के रूप में चढ़ाए जाते हैं। यह सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन इसकी एक दिलचस्प पृष्ठभूमि है। चीन गृह युद्ध के दौरान कई चीनी शरणार्थी तांग्रा में बसे थे। उन्होंने अपनी पारंपरिक पूजा और भोग देने की पद्धति यहां लाकर स्थानीय लोगों के बीच इसे लोकप्रिय बनाया। धीरे-धीरे यह परंपरा इतनी मजबूती से स्थापित हो गई कि आज भी मां काली को नूडल्स, फ्राइड राइस, मोमोज और चॉप्सी का भोग चढ़ाना इस मंदिर का प्रमुख हिस्सा बन गया है।

भक्तों का मानना है कि मां काली प्रेम की भूखी हैं और उन्हें प्रेमपूर्वक कुछ भी भेंट किए जाने पर वे उसे स्वीकार करती हैं। यही कारण है कि मंदिर में इंडो-चाइनीज व्यंजनों का भोग लगातार चढ़ाया जाता है। यह प्रथा न केवल मंदिर की धार्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और चीनी शरणार्थियों के प्रभाव को भी प्रतिबिंबित करती है। आज यह अनोखी परंपरा कोलकाता के काली मंदिर की पहचान बन चुकी है और हर भक्त इसे अनुभव करने के लिए दूर-दूर से यहां आता है।

यह भी पढ़ें - कौन से देश Third World countries के अंदर आते हैं? जिन्हें ट्रंप ने अमेरिका में घुसने से किया मना, क्या भारत भी शामिल?


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Mehak

Related News