कुपोषित बच्चों की पहचान करने पर जोर देगा आईसीडीएस विभाग

2021-02-23T18:22:26.48


साम्बा : एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) विभाग द्वारा विजयपुर में आज जिला कार्यक्रम अधिकारी अनु बहल के तत्वावधान में फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए दो दिवसीय कार्यशाला शुरू की गई। संयुक्त निदेशक, आईसीडीसी जम्मू-कश्मीर डी.एस. कटोच इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि थे। अन्य लोगों में, बाल विकास परियोजना अधिकारी विजयपुर, मधुर आनंद, आईसीडीएस विभाग साम्बा के पर्यवेक्षक और मंत्रालयिक कर्मचारी भी मौजूद रहे। 


    कार्यशाला पारंपरिक रूप से सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुई और इसके बाद विस्तार से व्यख्यान दिए गए जिनमें आईसीडीएस के महत्वपूर्ण विषयों, प्रबंधन सूचना प्रणाली रजिस्टर, प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा, शिशु और युवा बच्चों की वृद्धि की निगरानी के विषय शामिल रहे। कार्यशाला के दौरान, फ्रंटलाइन वर्कर्स ने प्री स्कूल और एजुकेशनल सामग्रियों पर एक स्टॉल भी प्रस्तुत किया जो आंगनवाड़ी केंद्रों में सीखने की सहायता के रूप में आवश्यक हैं। इस अवसर पर बोलते हुए श्रीमती अनु बहल ने अपने कर्तव्यों के प्रति फ्रंटलाइन वर्कर्स के पुनर्संरचना प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने 2021 के हालिया बजट पर भी जोर दिया, जिसमें पोषन अभियान पर एक प्रमुख जोर दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि विभाग का जोर टीबी जैसी संचारी रोगों पर अंकुश लगाना है, जिसे मार्च के महीने में पोषक पखवाड़ा के साथ एक नए सिरे से मिशन मोड शुरू किया जा रहा है।

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    इसके अलावा मुख्यातिथि डी.एस. कटोच ने वैश्विक महामारी के दौरान फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं द्वारा निभाई गई भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विजयपुर में इस पुनर्विकास कार्यशाला की व्यवस्था के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस प्रोजेक्ट्स, साम्बा के प्रयासों की भी सराहना की, जो आईईसी मॉड्यूल में एक अभिनव पहल है। इसके अलावा, उन्होंने फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को अपने रिकॉर्ड को बनाए रखने और कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ अनुपूरक पोषण और उपक्रम सहयोग प्रदान करने, विकास निगरानी की अनिवार्य गतिविधियों को पूरा करने का निर्देश दिया। बाल विकास परियोजना अधिकारी विजयपुर द्वारा अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।


Content Writer

Monika Jamwal

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