तूफान के बीच ओएनजीसी के जहाजों के साथ कैसे हुआ हादसा, सूत्रों ने दी चौंकाने वाली जानकारियां

punjabkesari.in Thursday, May 20, 2021 - 10:49 PM (IST)

नई दिल्लीः चक्रवाती तूफान ताउते के दौरान अरब सागर में डूब गये बजरे में उस वक्त मौजूद 49 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और लापता अन्य 37 लोगों की नौसेना तथा तटरक्षक तलाश कर रहे हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि समुद्र तट के करीब विभिन्न 337 प्लेटफॉर्म और प्रतिष्ठानों पर मौजूद 6,961 लोग सुरक्षित रहे, वहीं पांच पोतों में कुछ खामियां आ गयीं जिससे 714 लोगों की जान जोखिम में पड़ गयी। तीन बजरे (बार्ज) और लंगर से बंधी एक नौका तूफान में फंस गये।

तीनों को ओएनजीसी के लिए एक परियोजना पर काम कर रही निजी कंपनी एफ्कॉन्स ने तैनात किया था। इनके अलावा तेल निकालने के काम में लगा एक सरकारी जहाज (ड्रिलशिप) भी लंगर तोड़कर चला गया और तूफान में फंस गया। दो बजरों और एक ड्रिलशिप पर मौजूद 440 लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया, वहीं पी-305 पोत डूब गया जिस पर 261 लोग मौजूद थे। 

सूत्रों के मुताबिक इनमें से 186 लोगों को बचा लिया गया तथा 49 लोगों के शव मिल चुके हैं। बाकी 36 की तलाश जारी है। लंगर से बंधे पोत वराप्रदा पर सवार 13 लोगों में से दो को बचा लिया गया है वहीं बाकी 11 की तलाश जारी है। नौसेना और तटरक्षक के पोतों तथा विमानों ने पश्चिमी तटीय क्षेत्र के आसपास समुद्र में लापता लोगों की तलाश की।

भारतीय नौसेना ने इस काम में छह जलपोतों को लगाया है। ओएनजीसी ने बचाव अभियान में अपने 20 जहाजों को लगाया है जिनमें एक पोत एफ्कॉन्स का भी शामिल हो गया है। इनके अलावा बचाव और तलाश अभियान में 15 हेलीकॉप्टर भी लगे हैं जिनमें सात ओएनजीसी के और चार-चार नौसेना एवं तटरक्षक के हैं। 


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Yaspal

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