New Labour Codes Gratuity: फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को 1 साल में मिलेगी ग्रेच्युटी, जानिए परमानेंट कर्मचारियों का नियम

punjabkesari.in Thursday, Nov 27, 2025 - 11:02 AM (IST)

नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए Gratuity के नियमों में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। 29 श्रम कानूनों को हटाकर 4 नए लेबर कोड लागू किए गए हैं। इन कोड्स के तहत सैलरी, ग्रेच्युटी, पीएफ और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों में नियम बदले गए हैं।

इन कर्मचारियों को होगा फायदा

पुराने नियमों के तहत ग्रेच्युटी के लिए आमतौर पर 5 साल की निरंतर सेवा ज़रूरी थी। नए बदलाव में सरकार ने ग्रेच्युटी की इस सीमा को 5 साल से घटाकर 1 साल कर दिया है, लेकिन यह सुविधा केवल Fixed-Term वाले कर्मचारियों के लिए है।

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी वे कर्मचारी होते हैं जिनका कार्यकाल किसी खास प्रोजेक्ट या अवधि के लिए पहले से तय होता है। अब ये कर्मचारी केवल 1 साल की लगातार सेवा के बाद ही आनुपातिक ग्रेच्युटी के हकदार होंगे। इस कदम का उद्देश्य शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को उनके रोल की अवधि छोटी होने के कारण होने वाले नुकसान से बचाना है। लेबर कोड के जानकारों के अनुसार परमानेंट या स्थायी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी का नियम अभी भी 5 साल की निरंतर सेवा वाला ही रहेगा। 1 साल वाला नियम सिर्फ फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों पर लागू होता है।

30 दिन में ग्रेच्युटी का भुगतान ज़रूरी

नए नियमों में एक और महत्वपूर्ण बदलाव भुगतान की समय-सीमा को लेकर है। कंपनियों को अब कर्मचारी की सेवा समाप्ति के 30 दिनों के भीतर ग्रेच्युटी का पैसा जारी करना होगा। यदि कंपनी इस अवधि में भुगतान नहीं कर पाती है, तो उसे 10% सालाना ब्याज के साथ ग्रेच्युटी देनी होगी।

ग्रेच्युटी कैलकुलेशन में भी बदलाव

नए कोड्स में Wage की परिभाषा भी बदली गई है, जिसका सीधा असर ग्रेच्युटी के कैलकुलेशन पर पड़ेगा-

  • कर्मचारी के कुल मुआवज़े का कम से कम 50% हिस्सा Wage होना अनिवार्य कर दिया गया है।

  • ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन इसी बढ़ी हुई 'मजदूरी' के आधार पर होगा।

  • जानकारों के अनुसार, इससे कई कर्मचारियों के लिए मिलने वाली ग्रेच्युटी की रकम में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

यह नियम उन कंपनियों के लिए बड़ा बदलाव है जो अब तक फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी या सेवरेंस के बिना काम पर रखती थीं।

 


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News Editor

Radhika

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