अरुण शौरी के खिलाफ FIR का आदेश जारी, 150 करोड़ का होटल 7.5 करोड़ में बेचने का आरोप

2020-09-17T10:10:56.25

नेशनल डेस्क: वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी की मुश्किलें बढ़ गई है। राजस्थान में जोधपुर के विशेष सीबीआई अदालत ने 2002 में सरकार द्वारा संचालित होटल में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में शौरी समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दे दिया है। 

 

मामला राजस्थान में उदयपुर के लक्ष्मी विलास पैलेस होटल से जुड़ा है। आरोप है कि अरुण शौरी ने 252 करोड़ रुपये के होटल का साढ़े सात करोड़ रुपये के औने-पौने दाम में बेच दिया। दरअसल इस होटल को पहले भारतीय पर्यटन विकास निगम द्वारा चलाया जाता था, मगर 2002 में इसे भारत होटल्स लिमिटेड को बेच दिया गया, जो अब ललित ग्रुप ऑफ होटल्स चलाता है।

 

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पूरन कुमार शर्मा ने आदेश दिया कि उदयपुर के लक्ष्मी विलास पैलेस होटल को राज्य सरकार को सौंप दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि तत्कालीन मंत्री अरुण शौरी और तत्कालीन सचिव प्रदीप बैजल ने अपने पदों का दुरुपयोग किया और सौदे में केंद्र सरकार को 244 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। 


विशेष अदालत ने आदेश दिया कि उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) डी के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। बता दें कि बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद अरुण शौरी 1999-2004 के दौरान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार में केंद्रीय संचार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विनिवेश मंत्री थे। 


vasudha

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