राजौरी में सेना के शिविर पर फिदायीन हमला : 4 जवान शहीद, जवाबी कार्रवाई में 2 आतंकवादी ढेर

punjabkesari.in Friday, Aug 12, 2022 - 12:07 AM (IST)

जम्मूः जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में बृहस्पतिवार की तड़के आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर पर एक आत्मघाती हमला किया, जिसमें चार जवान शहीद हो गए। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादी भी मारे गए। यह हमला लगभग तीन साल के अंतराल के बाद जम्मू-कश्मीर में ‘फिदायीन' (आत्मघाती हमलावरों) की वापसी का संकेत है। 

पुलिस ने बताया कि दोनों आतंकवादियों के बारे में ऐसा माना जा रहा है कि वे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से सम्बद्ध थे। पुलिस ने बताया कि आतंकवादी घातक ‘स्टील कोर' गोलियों से लैस थे और चार घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ में दोनों आतंकवादी मारे गए। मुठभेड़ सुबह लगभग साढ़े छह बजे समाप्त हुई। यह हमला सोमवार को देश के स्वतंत्रता दिवस के चार दिन पहले हुआ। 

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने मीडिया को बताया कि बृहस्पतिवार को हमला करने वाले दोनों ‘फिदायीन' संभवत: आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के थे। सिंह के अनुसार, दोनों ने शिविर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन वे मारे गए। उन्होंने बताया, ‘‘गोलीबारी में सेना के तीन जवान शहीद हो गए।'' जम्मू में सेना के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया, ‘‘बृहस्पतिवार की तड़के, राजौरी जिले के पारगल में सेना की चौकी पर तैनात सतर्क संतरियों ने संदिग्ध व्यक्तियों को खराब मौसम का फायदा उठाकर चौकी के पास आते देखा।'' उन्होंने कहा कि संतरियों ने उन दो आतंकवादियों को चुनौती दी जिन्होंने चौकी के अंदर प्रवेश करने का प्रयास करते हुए ग्रेनेड फेंके। उन्होंने बताया कि हालांकि, सतर्क सैनिकों ने क्षेत्र को घेर लिया। 

आनंद ने बताया कि गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गए और इस अभियान में भारतीय सेना के छह सैनिक घायल हो गए, जिनमें से चार जवान बाद में शहीद हो गए। उन्होंने बताया कि शहीद हुए सेना के जवानों की पहचान सूबेदार राजेंद्र प्रसाद (राजस्थान के झुंझुनू जिले के मालिगोवेन गांव के), राइफलमैन लक्ष्मणन डी (तमिलनाडु के मदुरै जिले के टी पुडुपट्टी गांव के), राइफलमैन मनोज कुमार (हरियाणा के फरीदाबाद के शाहजहांपुर गांव के) और राइफलमैन निशांत मलिक (हरियाणा के हिसार के आदर्श नगर गांव के) के रूप में की गई है। लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा, "भारतीय सेना सर्वोच्च परंपरा को कायम रखते हुए कर्तव्य का पालन कर सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर जवानों को सलाम करती है। राष्ट्र हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए उनका ऋणी रहेगा।" 

अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यहां से 185 किलोमीटर दूर पारगल स्थित सैन्य शिविर के बाहरी घेरे से अंदर आने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों ने देर रात लगभग दो बजे पहली बार गोलीबारी की। आखिरी आत्मघाती हमला 14 फरवरी 2019 को दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के लेथपोरा में हुआ था जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मुकेश सिंह ने कहा, ‘‘कुछ लोगों (आतंकवादियों) ने पारगल में सेना के एक शिविर की बाड़ पार करने की कोशिश की। जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। भीषण गोलाबारी में दो आतंकवादी मारे गए।'' 


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Content Writer

Pardeep

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