सावधान..उबलती चाय-कॉफ़ी पीने से 3 गुना बढ़ सकता है कैंसर का खतरा: ऑक्सफ़ोर्ड की बड़ी स्टडी
punjabkesari.in Wednesday, Sep 09, 2026 - 09:55 AM (IST)
नई दिल्ली: अगर आपको खौलता हुआ पानी, बेहद गर्म चाय या कॉफ़ी पीने की आदत है, तो सावधान हो जाइए। एक ताज़ा और बड़ी स्टडी में यह बात सामने आई है कि बहुत ज़्यादा गर्म ड्रिंक्स पीने से खाने की नली (Esophageal Cancer) का कैंसर होने का ख़तरा तीन गुना तक बढ़ सकता है। ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गई यह स्टडी 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ कैंसर' में पब्लिश हुई है, जिसमें लगभग 10 लाख लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया।
क्यों बढ़ता है कैंसर का ख़तरा?
स्टडी के अनुसार, जो लोग बहुत गर्म ड्रिंक्स पीते थे, उनमें गुनगुनी चाय या कॉफ़ी पीने वालों की तुलना में कैंसर का ख़तरा लगभग तीन गुना ज़्यादा था - हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस कैंसर के होने की कुल संभावना कम है। जब आप बहुत ज़्यादा गर्म लिक्विड पीते हैं, तो वह पेट तक पहुंचते-पहुंचते आपकी खाने की नली की अंदरूनी संवेदनशील परत (Cell Lining) को नुकसान पहुंचाता है। बार-बार इस तरह की जलन या क्षति होने से कोशिकाओं में कैंसर विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।
क्या है सुरक्षित तापमान?
रिसर्च के मुताबिक 65°C या उससे ज़्यादा तापमान वाला कोई भी ड्रिंक सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। केतली में चाय उबलने के तुरंत बाद उसका तापमान 100°C के करीब होता है। कप में डालने के बाद भी यह 90°C से 95°C के आसपास रहता है। युवाओं पर की गई एक स्टडी में पाया गया कि लोगों को 70°C या उससे अधिक तापमान वाले ड्रिंक्स ही "बहुत गर्म" महसूस होते हैं। टेकअवे कॉफ़ी के लिए 49°C से 60°C का तापमान सबसे सुरक्षित और सही माना जाता है।
दूध मिलाने से भी पूरी राहत नहीं
अक्सर लोग मानते हैं कि चाय या कॉफ़ी में ठंडा दूध मिलाने से तापमान तुरंत कम हो जाता है। हालांकि रिसर्चर्स का कहना है कि दूध मिलाने के बावजूद ड्रिंक्स इतने गर्म हो सकते हैं कि वे आपकी खाने की नली को नुकसान पहुंचा सकें। इसके अलावा, दिन में 6 या उससे ज़्यादा बार गर्म ड्रिंक्स पीने वाले लोगों में यह ख़तरा और अधिक देखा गया है।
कैंसर रिसर्च UK का कहना है कि गर्म ड्रिंक को ठंडा होने के लिए कितना समय देना चाहिए, इसका सही समय बताना मुश्किल है। चैरिटी ने कहा, लेकिन अगर आपको चिंता है, तो हमारा सुझाव है कि इसे बहुत गर्म होने पर पीने के बजाय तब तक इंतज़ार करें जब तक कि यह पीने लायक आरामदायक न हो जाए।
रिसर्चर का सुझाव है कि अगर लोग बहुत गर्म ड्रिंक्स पीना बंद कर दें, तो एसोफ़ेजियल कैंसर (खाने की नली का कैंसर) के हर 10 मामलों में से लगभग एक या दो मामलों को रोका जा सकता है। स्क्वैमस सेल एसोफ़ेजियल कैंसर बहुत कम होता है और हर साल कुछ हज़ार लोगों को प्रभावित करता है। UK में, लगभग 1% आबादी को जीवन भर में इस तरह के कैंसर का पता चलने का जोखिम होता है।
बचाव के आसान उपाय और सावधानियां
- चाय या कॉफ़ी कप में डालने के बाद तुरंत पीने के बजाय 3 से 5 मिनट तक ठंडा होने दें।
-कैंसर रिसर्च UK के अनुसार, इस कैंसर के सबसे बड़े कारण स्मोकिंग (धूम्रपान) और शराब का अधिक सेवन हैं। इनसे दूरी बनाना सबसे ज़रूरी है।
-अगर लगातार सीने में जलन, अपच, गले या छाती में दर्द और बिना वजह वज़न घटने जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।
