Election 2022: यूपी, पंजाब सहित 5 राज्‍यों में होने वाले चुनावों को लेकर EC ने जारी की नई गाइडलाइंस

10/14/2021 1:55:27 PM

नेशनल डेस्क: अगले साल 2022 में पांच राज्यों में गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेशविधानसभा चुनाव होने हैं, उससे पहले चुनाव आयोग ने अधिकारियों के ड्यूटी और उनकी नियुक्ति को लेकर गाइडलाइंस जारी की है। इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया ने इंस्ट्रक्शन जारी करते हुए डिटेल रिव्यू करने को कहा है। उनका कहना है कि सभी डिस्टिक्स में इलेक्शन होने से पहले डिटेल रिव्यू किया जाएगा और जिन ऑफिसर्स को उनकी होम डिस्टिक में पोस्ट किया गया है या फिर जहां उन्हें 3 से 4 साल हो गए हैं उन पर एक्शन लेने की जरूरत है। इन लोगों की वजह से इलेक्शन और इससे जुड़े कामों में बाधा पैदा हो सकती है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि इलेक्शन कमिशन ने जिन लोगों को ट्रांसफर किया है उन्हें भी किसी इलेक्शन रिलेटिड ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा। माना जा रहा है कि इन लोगों को अभी ट्रासफर किया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि कमिशन को पहले कुछ कंपलेंट्स मिली थी जोकि पोलिटिकल पार्टी और लोगों द्वारा की गई थीं। इनमें कहा गया था कि कुछ मैमबर फील्ड पर सही से काम नहीं कर रहे हैं और उन्हें पूरी इनफोर्मेशन भी नहीं है।

कमिशन ने जारी की हैं कुछ गाइडलाइंस
1.स्टेट CEO को एक रजिस्टर मेंनटेन करने को कहा जाएगा जिसमें सभी तरह के IAS/IPS ऑफिसर्स की जानकारी होगी। इसके अलावा इसमें इलेक्शन कमिशन द्वारा दिए दए ऑर्डर से DEOs, ROs और Eros को ट्रासफर किया गया है इसकी जानकारी है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि इलेक्शन में किसी भी तरह की खामी होने या सही से काम न होने पर उस पर एक्शन लिया जाएगा। 

2.DEO एक रजिस्टर मेनटेन करेंगे जिसमें सभी जुनियर स्टाफ और अन्य स्टाफ की जानकारी दी गई होगी। 

3.इलेक्शन कमिशन द्वारा घोषणा किए जाने के 7 दिनों के बीच स्टेट के CEO को एक कम्पलाएंस लैटर भेजा जाएगा जिसमें यह कंनफर्म करने को कहा जाएगा कि जिन ऑफिसर्स को ट्रांसफर करने को कहा गया था उन्हें ट्रासफर कर दिया गया है। 

4.CEO और DEO को बताई गई सभी तरह की जानकारी को कलैक्ट करके 7 दिनों के अंदर सबमिट करने को कहा गया है। इसके अलावा समय से पहले ही रजिस्टर मेनटेन करने की हिदायत दी गई है ताकि समय खराब न हो।

5.स्टेट गोर्नमेंट के कई डिपार्टमेंट हैं जो इन ऑफिशियल की ट्रांसफर करने में काम करेंगे, लेकिन उन्हें इलेक्शन कमिशन द्वारा जारी की गई इंस्ट्रक्शन्स का पालन करना होगा।
 

साफ छवि वाले को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया
वहीं कौनसा उम्मीदवारों जीतेगा, कौन हारेगा या किसकी जमानत जब्त होगी ये फैसला तो जनता ही तय करेगी, लेकिन इसके पहले केंद्रीय चुनाव आयोग सख्त निर्देश दे दिए हैं। जिसके चलते राजनीतिक दलों को आपराधिक छवि वाले नेताओं को चुनाव में टिकट देना टेढ़ी खीर होगा। केन्द्रीय चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि राजनीतिक दलों को उम्मीदवार घोषित करने के 48 घंटों के भीतर मीडिया के जरिये यह सार्वजनिक करना होगा कि उन्होंने जिसे उम्मीदवार बनाया है क्या वह आपराधिक पृष्ठभूमि का है, अगर है तो उस पर कितने और किन आरोपों में मुकदमे चल रहे हैं और उनकी प्रगति क्या है? राजनीतिक दलों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि उन्हें साफ सुथरी छवि का ऐसा कोई व्यक्ति क्यों नहीं मिला जिस पर कोइ केस दर्ज न हो और साफ सुथरी छवि वाले व्यक्ति को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोग ने राजनीतिक दलों व अभ्यर्थियों के लिए कई प्रारूप भी बनाए हैं, इन्हें भरकर चुनाव आयोग में देना होगा। आयोग ने यह निर्देश गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में दिए हैं। 

कहां कितने मतदाता?
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहीं पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। निर्वाचन आयोग के एक जनवरी, 2021 के आंकड़ों के अनुसार देश में सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में लगभग 14.66 करोड़ मतदाता हैं। वहीं, पंजाब में दो करोड़ से अधिक मतदाता हैं। उत्तराखंड में 78.15 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, मणिपुर में 19.58 लाख और गोवा में 11.45 लाख मतदाता हैं। पांचों राज्यों में कुल लगभग 17.84 करोड़ मतदाता हैं।


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Content Writer

Anil dev

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