''घाटी में जाने की बजाय हम यहां मरना पसंद करेंगे'': जम्मू में दूसरे दिन भी कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी

punjabkesari.in Friday, Jun 03, 2022 - 03:34 PM (IST)

 

नेशनल डेस्क: कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा लक्षित हत्याओं से नाराज सरकारी कर्मचारियों के एक समूह ने लगातार दूसरे दिन भी उन्हें कश्मीर से अपने गृह जिलों में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर शिक्षक शामिल हैं। वे मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के एक स्कूल में अपनी सहयोगी रजनी बाला की आतंकवादियों द्वारा गोली मारकर हत्या करने के बाद जम्मू लौट आए हैं।

'जम्मू आधारित रिजर्व श्रेणी कर्मचारी संघ' के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब से आंबेडकर चौक तक मार्च निकाला। इसके बाद शुक्रवार को शहर के बीचों-बीच पनामा चौक पर धरना दिया। धरने में शामिल सुरिंदर कुमार ने कहा, "हम लक्षित हत्याओं के मद्देनजर मौजूदा खतरनाक परिस्थितियों में अपने कार्यों को फिर से शुरू करने के लिए कश्मीर नहीं लौटेंगे। हम वापस जाने के बजाय यहां मरना पसंद करेंगे।" प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनके विरोध पर ध्यान देने और कश्मीर से जम्मू क्षेत्र में उनका स्थानांतरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

कुमार ने कहा कि वह पहले ही 15 साल से कश्मीर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और "आतंकवादियों के हाथों मारे जाने के लिए घाटी में लौटने को तैयार नहीं हैं।" वहीं, एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, "कश्मीर में सुरक्षित क्षेत्र कहां हैं? हमें बाहर जाना होगा, बच्चों को स्थानीय स्कूलों में डालना होगा और अपने कर्तव्यों का पालना करना होगा।" उन्होंने कहा कि वह पिछले एक दशक से कश्मीर में स्थानीय आबादी के साथ हंसी-खुशी रह रही थीं, लेकिन हाल के महीनों में हुई लक्षित हत्याओं ने उनके दिलोदिमाग में डर पैदा कर दिया है। भाषा फाल्गुनी पारुल

 


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Content Editor

rajesh kumar

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