VIDEO: जेल से 'हीरो' की तरह बाहर निकला दिल्ली दंगे का आरोपी 'शाहरुख', लोगों ने सीटियां बजा और नारे लगा किया स्वागत

punjabkesari.in Friday, May 27, 2022 - 04:55 PM (IST)

नई दिल्लीः दिल्ली दंगे का आरोपी शाहरुख पठान एक बार फिर से सुर्खियों में है। दरअसल, कोर्ट ने  शाहरुख पठान चार घंटे की पैरोल दी है ऐसे में जब वह जेल से बाहर निकला तो  उसका स्वागत हीरो की तरह किया गया। इस बीच उसका एक वीडियो सामने आया है जिसमें उसके समर्थक उसका हीरो की तरह स्वागत करते दिखाई दे रहे हैं। 

उत्तर पूर्व दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे के दौरान एक निहत्थे पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले शाहरूख पठान के पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद घर पहुंचने पर जबरदस्त स्वागत का एक वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर छाये इस वीडियो में कथित रूप से नजर आ रहा है कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में जब वह सोमवार को अपने बीमार पिता को मिलने गली में पहुंचा तब वहां जमा भीड़ ने उसका स्वागत किया।

एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने बताया कि आदालत के आदेश पर उसे चार घंटे के पैरोल पर घर भेजा गया था। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने अपने ट्विटर एकाउंट पर यह वीडियो डाला और इस बात पर अफसोस जताया कि जिसने पुलिस पर बंदूक तान दी, उसे हीरा बनाया जा रहा है। पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाली उसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर छा गयी थी।

 

मिश्रा ने ट्विटर पर लिखा, पुलिस पर बंदूक उठाने वाले को हीरो बनाया जा रहा है।दिल्ली में कई जगह मिनी पाकिस्तान बन चुके है।ये मानसिकता दिल्ली और देश की दुश्मन बन चुकी हैं। मैं साफ कहना चाहता हूँ, हम दिल्ली वाले इन लोगों से डरते नहीं और इस मानसिकता को दिल्ली में कुचल दिया जाएगा। दो साल पहले ही एक फोटो सोशल मीडिया पर साझा की गई थी जिसमें पठान जाफराबाद-मौजपुर रोड पर एक पुलिसकर्मी पर देशी पिस्तौल ताने नजर आ रह है। उसने कथित रूप से कई राउंड गोलियां भी चलायी थीं। उत्तर पूर्व दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, चांदबगा, शिवविहार, भजनपुरा, यमुनाविहार और मुस्तफाबाद क्षेत्रों में 23 फरवरी 2020 को हिंसा फैली थी जिसमें 42 लोगों की जान चली गयी थी एवं 200 से अधिक घायल हुए थे।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच संघर्ष के बाद 24 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। इस हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे।  


 


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Content Writer

Anu Malhotra

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