दिल्ली पुलिस को बिल्डिंग मालिक सहित तीन अन्य की एक दिन की हिरासत मिली, मुंडका हादसे में गई थी 27 लोगों की जान

punjabkesari.in Tuesday, May 17, 2022 - 08:20 PM (IST)

 

नेशनल डेस्क: दिल्ली पुलिस को मंगलवार को मुंडका अग्निकांड की जांच के सिलसिले में भवन मालिक समेत तीन व्यक्तियों की एक दिन की हिरासत मिली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में झुलस गये 16 लोगों में से कम से कम 10 ने अपना बयान दर्ज करवाया है। अधिकारी ने बताया इन लोगों के अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के भी बयान दर्ज किये जा रहे हैं। बाहरी दिल्ली के मुंडका इलाके में एक भवन में भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गयी थी।

एक दिन की पुलिस हिरासत
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की एक अदालत ने भवन मालिक मनीष लाकड़ा और दो भाइयों -विजय एवं हरीश गोयल को आगे की जांच के लिए एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा। इन दोनों भाइयों को अपना धंधा करने के लिए इस भवन के दो तल किराये पर दिये गये थे। पुलिस उपायुक्त (बाहरी) समीर शर्मा ने कहा, ‘‘ हमें इन भाइयों- विजय और हरीश गोयल के रक्त नमूने लेने की जरूरत है। हमें उनकी पृष्ठभूमि, कंपनी के विवरण, संबंधित प्राधिकारियों से ली गयी अनुमतियों के बारे में भी जानना है। '' शर्मा ने कहा कि पुलिस अबतक लाकड़ा के दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कर पायी है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के वास्ते उत्तरी दिल्ली नगर निगम समेत संबंधित प्राधिकारियों से इस भवन एवं वहां चल रहे कारोबार से जुड़े दस्तावेज मांग रही है। अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ 100 से अधिक नमूने प्रयोगशाला को मिले हैं।

डीएनए प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया पर आगे बढ़ रहे हैं- पुलिस अधिकारी
हमने डीएनए जांच के लिए कई टीम बनायी है... अब चूंकि हमें नमूने मिल गये हैं , हम डीएनए प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया पर आगे बढ़ रहे हैं। चूंकि यह जटिल प्रक्रिया है, इसलिए इसमें वक्त लगता है।'' अधिकारी ने कहा कि ‘डीएनए सैंपलिंग' में आम तौर पर एक से दो सप्ताह लगते हैं और यह नमूनों की दशा पर भी निर्भर करता है। पुलिस के अनुसार, लाकड़ा को इस घटना के दो दिन बाद रविवार को घेवरा मोड़ से गिरफ्तार किया गया था, जब वह उत्तराखंड के हरिद्वार जा रहा था। वह रियल एस्टेट का कारोबार कर रहा था और उसकी इस भवन के भूतल पर दुकान भी है। उसके परिवार के सदस्यों का अबतक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने पहले कहा था कि लाकड़ा अपनी मां, पत्नी एवं दो बच्चों के साथ उसी भवन की चौथी मंजिल पर रहता था और जब आग लगी, तब वे भागकर बगल वाले भवन में चले गये। संदेह है कि यह आग एक ऐसी कंपनी में लगी, जो सीसीटीवी कैमरे एवं राउटर के निर्माण में लगी थी। यह कंपनी इस भवन में 2017 से चल रही थी।


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Content Editor

rajesh kumar

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